कौन निर्णय कर सकता है?
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है और निर्वाचन क्षेत्रों के निर्धारण, जिनमें अनेक सदस्य निर्वाचित
होकर आते हैं और अनेक निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित होने वाले
सदस्यों की संख्या तथा निर्वाचन-पद्धति निर्धारित की जा सकती है।
VII . (1) पाकिस्तान और हिंदुस्तान के विधानमंडल समरूप अधिनियम पारित करके काउंसिल ऑफ इंडिया को विधानमंडलों और पाकिस्तान और हिंदुस्तान की सरकारों की किसी भी शक्ति का प्रत्यायोजन कर सकेंगे और इन अधिनियमों में यह भी निर्धारित किया जाएगा कि इन प्रत्यायोजित शक्तियों का काउंसिल द्वारा किस प्रकार प्रयोग किया जाएगा।
(2) रेलवे और जलमार्ग संबंधी नियम बनाने की शक्तियां नया संविधान लागू होने की तारीख से पाकिस्तान या हिंदुस्तान के पास नहीं, बल्कि काउंसिल ऑफ इंडिया के पास होंगी, परंतु यह उपधारा पाकिस्तान और हिंदुस्तान के विधानमंडलों के लिए उन स्थानों पर रेलवे और जलमार्गों के निर्माण, विस्तार या सुधार करने संबंधी नियम बनाने में बाधा नहीं बनेगी, जो स्थान सम्पूर्ण रूप से पाकिस्तान या हिंदुस्तान, जैसा भी मामला हो, में स्थित हैं।
(3) काउंसिल ऐसे किसी भी मुद्दे पर विचार कर सकती है, जिससे किसी भी प्रकार से यह प्रतीत होता हो कि यह पाकिस्तान और हिंदुस्तान के लिए कल्याणकारी नहीं है, और इस संबंध में प्रस्ताव पारित करके, जैसा उचित समझे, सुझाव दे सकती है, परंतु इन सुझावों का विधायी प्रभाव नहीं होगा।
(4) काउंसिल ऑफ इंडिया के लिए पाकिस्तान और हिंदुस्तान के विधानमंडलों से सिफारिश करना विधिसम्मत होगा कि वे किसी भी अखिल भारतीय विषय का प्रशासन काउंसिल ऑफ इंडिया को प्रत्यायोजित करने के लिए समरूप अधिनियम पारित करें, ताकि पाकिस्तान और हिंदुस्तान में इस विषय के पृथक-पृथक प्रकार के प्रशासन से बचा जा सके।
(5) किसी भी विधानमंडल के लिए यह विधिसम्मत होगा कि वह समरूप अधिनियमों के अनुसरण में काउंसिल ऑफ इंडिया को अस्थायी रूप से प्रत्यायोजित ऐसी किसी भी शक्ति को, जैसा कि ऊपर बताया गया है, अधिनियम पारित करके काउंसिल ऑफ इंडिया से किसी भी समय वापस ले सकेगा और इसके पश्चात् काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा इन शक्तियों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा और उनका उपयोग ब्रिटिश इंडिया के