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परिशिष्ट 437

विशाल महाद्वीप भारत को ब्रिटिश शासन द्वारा प्रदान किए गए असीमित लाभों को हमें एहसास है तथा उसकी हम सराहना करते हैं और शांति, सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पूजा की स्वतंत्रता जो हमें अब मिली है, उसके लिए हम उनके आभारी हैं। इसके अतिरिक्त सरकार का बुद्धिमत्तापूर्ण और प्रबुद्ध स्वरूप होने के परिणामस्वरूप हम यह मानते हैं कि ये अधिकार उत्तरोत्तर बढ़ते जाएंगे और भविष्य में भारत विश्व-समुदाय में अपना एक महत्त्वपूर्ण स्थान बना लेगा।

भारत में ब्रिटिश नीति की प्रमुख विशेषताओं में से एक है बढ़ता हुआ लिहाज, जो देश के लोगों के विचारों और इच्छाओं के प्रति उनके हितों को प्रभावित करने के मामलों में दिखाया गया। इसके अंतर्गत जाति और धर्म की विवधिता को सदैव अपेक्षित सम्मान दिया गया, जो भारत की सम्पूर्ण प्रगति का महत्त्वपूर्ण कारक है।

वाइस प्रेजीडेंट, जमींदार एसोसियशन खैरपुर (सिंध)_ मौलाना एच. एम. मलक, मेहदी बाज बाहराओं

के प्रमुख, नागपुर (सेंट्रल प्राविंस)_ मुशीर-उद-दौला मुमताज-उल-मुल्क खान बहादुर खलीफा सैयद

मोहम्मद हुसैन, पटियाला की राज्य परिषद् के सदस्य (पंजाब)_ खान बहादुर कर्नल अब्दुल मजीद खान,

विदेश मंत्री, पटियाला (पंजाब)_ मियां मोहम्मद शफी_ बॉर-एट-लॉ, लाहौर (पंजाब)_ शेख गुलाम

सादिक, अमृतसर (पंजाब)_ हकीम मोहम्मद अजमल खान, दिल्ली (पंजाब)_ मुंशी इहतिशाम अली,

जमींदार एवं रईस, काकोरी (अवध)_ सैयद नबी उल्लाह बॉर-एट-लॉ रईस कारा, जिला-इलाहाबाद_

मौलवी सैयद करामत हुसैन, बॉर-एट-लॉ, इलाहाबाद_ सैयद अब्दुल रऊफ, बॉर-एट-लॉ, इलाहाबाद_

मुंशी अब्दूर सलाम खान रिटायर्ड सब-जज, रामपुर_ खान बहादुर मोहम्मद मुजामिल उल्लाह खान,

जमींदार, सेक्रेटरी, जमींदार एसोशिएसन, यूनाइटिड प्रोविंस, तथा संयुक्त सचिव, एम. ए. ओ. कालेज,

ट्रस्टीज, अलीगढ़_ जाजी मोहम्मद इस्माइल खान, जमींदार, अलीगढ़_ साहबजादे आफताब अहमद खान,

बॉर-एट-लॉ, अलीगढ़_ मौलवी मुश्ताक हुसैन, रईस, अमरोहा, यूनाइटिड प्राविंस_ मौलवी हबीबुल

रहमान खान, जमींदार, भीखनपुर, यूनाईटिड प्रोविंस_ नवाब सैयद सरदार अली खान, स्वनवाब सरदार

दिलेर-उल-मुल्क बहादुर, सी. आई. ई. के पुत्र, हैदराबाद (दक्कन)_ मौलवी सैयद मेहदी अली खान

(मुहसिन-उल-मुल्क), अवैतनिक सचिव, एम.ए. ओ. कालेज, अलीगढ़, इटावा, यूनाईटिड प्राविंस।

निम्नलिखित भद्रपुरुष भी वायसराय को याचिका प्रस्तुत करने के अवसर पर उपस्थित होना चाहते थे,

परन्तु बीमारी अथवा अन्य किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकेµ माननीय नवाब ख्वाजा सनीमुल्ला,

ढाका के नवाब_ माननीय नवाब हाजी मोहम्मद फतेह अली खान, कजलबाश, लाहौर, माननीय सैयद

जयनुल-इदरोज सूरत, भरूच के खान बहादुर कासिम मीर गयासुद्दीन पीरजादा_ हजरा के खान बहादुर

राजा जहांदाद और लखनऊ के शेख शाहिद हुसैन।

‘द टेलीग्राफ’ के संवाददाता के अनुसारµ

लेडी मिंटो, लेडीज ईलियट और माननीय श्रीमती हेवेट समारोह में उपस्थित थीं।

आज याचिका प्रस्तुतिकरण के अवसर पर अधिकांश डिप्टीज ने साधारण यूरोपियन वस्त्र और विशिष्ट

टोपियां पहनी हुई थीं, परन्तु पटियाला के प्रतिनिधियों-लेफिटनेंट माननीय मलिक उमर हयात खान, खान

बहादुर अली चौधरी, खान बहादुर अहमद मोहिउद्दीन खान और कुछ अन्य लोगों ने भारतीय वस्त्र पहने

हुए थे, जबकि कुछ अन्य लोगों ने सुनहरे वस्त्र पहने हुए थे। महामहिम वाइसराय ने प्रातःकालीन वस्त्र

पहने थे और अपने फ्रॉक कोट पर ‘आर्डर ऑफ द स्टेट ऑफ इंडिया’ का तमगा लगाया हुआ था।

वाइस रीगल लॉज में गार्डन पार्टी

आज दोपहर में वाइसराय लॉज के गार्डन में एक गार्डन पार्टी आयोजित की गई जहां वाइसराय ने

मुस्लिम प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जिन्होंने प्रत्येक डिप्टी से बात की थी।

माननीय श्री बेकर, वित्त सचिव ने मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल के निम्नलिखित बंगाली भद्रपुरुषों को कल

मध्याहन-भोजन के लिए आमंत्रित किया हैः नवाब अमीर हुसैन, मिर्जा सुजात अली, नवाब नासर हुसैन,

माननीय शरफुद्दीन और अली इमाम।