442 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
जाता है, जो समानरूप से प्रभावी हो और यह विभिन्न स्थानों में व्यावहारिक रूप में भिन्न है। उदाहरणार्थ, अलीगढ़ नगरपालिका छह वार्डों में विभक्त है और प्रत्येक वार्ड में एक हिन्दू और एक मुसलमान आयुक्त होता है और हम समझते हैं कि यही सिद्धांत पंजाब और दूसरी नगरपालिकाओं में भी अपनाया जाना चाहिए, परन्तु अधि कांश स्थानों पर मुसलमान करदाताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता है। अतः सम्मानपूर्वक हमारा यही सुझाव है कि स्थानीय प्राधिकारी को प्रत्येक मामले में नगरपालिकाओं और जिला बोर्डों में हिन्दुओं और मुसलमानों की सीटों की संख्या की घोषणा करना अनिवार्य बनाया जाए, ऐसा अनुपात दोनों संप्रदायों के अलग-अलग संख्या-बल, सामाजिक दर्जे, स्थानिक प्रभाव और विशेष आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित किया जाए। एक बार उनका अनुपात आधिकारिक तौर पर निर्धारित हो जाने पर, हम यह सुझाव देंगे कि दोनों संप्रदाओं को अपने प्रतिनिधियों का अलग-अलग चुनाव करने की अनुमति दी जानी चाहिए, जैसा कि पंजाब के अनेक शहरों में होता है।
विश्वविद्यालयों की सदस्यता
हम यह भी सुझाव देंगे कि भारतीय विश्वविद्यालयों की सीनेटों और सिंडिकेटों में भी ऐसा ही हो। कहने का आशय यह है कि जहां तक संभव हो, इन दोनों निकायों में जिस अनुपात में मुसलमानों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, आधिकारिक रूप से उसकी अलग-अलग घोषणा की जाए।
प्रांतीय परिषदों में नामनिर्देशन
अब हम देश के विधायी चेम्बरों में अपने प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर आते हैं। प्रांतीय परिषदों के मामलों में हम सम्मानपूर्वक यह सुझाव देते हैं कि जैसा कि नगरपालिकाओं और जिला बोर्डों के मामले में है, इस याचिका के पैरा-5 में हमारे द्वारा उल्लिखित विशेष कारणों के संबंध में अपेक्षित ध्यान देते हुए मुसलमानों के लिए अलग स्थानों का निर्धारण किया जाए और उसकी घोषणा की जाए और यह भी कि महत्वपूर्ण मुसलमान जमींदारों, वकीलों, व्यवसायियों और अन्य महत्वपूर्ण हितों वाले प्रतिनिधियों, जिला बोर्डों और नगरपालिकाओं के मुसलमान सदस्यों तथा विश्वविद्यालयों के लिए कतिपय अवधि, यथा पांच वर्ष, मुसलमान स्नातकों का निर्वाचक मंडल बनाया जाए और उन्हें उन प्रक्रिया-नियमों, जैसा कि महामहिम की सरकार इस संबंध में निर्धारित करे, के अनुसरण में कतिपय संख्या में ऐसे सदस्यों, जिन्हें योग्य घोषित किया जा सके, का चुनाव करने के लिए प्राधिकृत किया जाए।