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परिशिष्ट

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अपेक्षित विचार-विमर्श नहीं किया जा सका है।

  1. महामहिम की सरकार चाहती है कि यह भली-भांति समझ लिया जाए कि वे स्वयं अपने निर्णय की पुनरीक्षा की दृष्टि से आरंभ की गई किसी वार्ता में शामिल नहीं हो सकते और न ही वे किसी ऐसे आवेदन पर विचार के लिए तैयार होंगे, जिसका उद्देश्य कोई ऐसा संशोधन या रूपभेद करना हो जिसे सभी प्रभावित पक्षों का समर्थन प्राप्त न हो। लेकिन वे किसी स्वीकृत समझौते के लिए सभी दरवाजे खुले रखने के इच्छुक हैं। इसलिए नए भारत सरकार-अधिनियम के कानून बनने से पूर्व यदि वे संतुष्ट हो जाते हैं कि संबद्ध संप्रदाय किसी एक या अधिक गवर्नर प्रोविन्स अथवा संपूर्ण ब्रिटिश इंडिया के संबंध में किसी व्यवहार्य वैकल्पिक योजना पर परस्पर सहमत हैं, तो वे संसद को यह सिफारिश करने को तत्पर हैं कि उस विकल्प को तैयार किए गए उपबंधों में सम्मिलित कर लिया जाए।

  2. अपर चैम्बर होने की स्थिति में लोअर हाउस में अथवा गवर्नर के प्रोविंस में विधान परिषदों में सीटों का आवंटन अनुबंध में दी गई तालिका के अनुसार किया जाएगा। ख्1,

  3. मुस्लिम, यूरोपियन और सिख निर्वाचन क्षेत्रों को आवंटित स्थानों के लिए चुनाव प्रांत के पूरे क्षेत्र में रहने वाले सांप्रदायिक मतदाताओं द्वारा पृथक रूप से किया जाएगा (उस क्षेत्र को छोड़कर, जिसे विशेष मामलों में ‘पिछड़ा क्षेत्र’ होने के नाते निकाल दिया गया हो)।

संविधान में इस आशय का एक प्रावधान किया जाएगा कि 10 वर्ष पश्चात् प्रभावित संप्रदायों की सहमति से इस मतदान-व्यवस्था (और नीचे दी गई अन्य समान व्यवस्थाओं) का पुनरीक्षण किया जाए, जिसका निश्चय करने के लिए समुचित तरीके निकाले जाएंगे।

  1. वे सभी पात्र मतदाता, जो किसी मुस्लिम, सिख, भारतीय ईसाई (देखिए, अधोलिखित पैरा-10), आंग्ल-भारतीय (देखिए अधोलिखित पैरा-11), अथवा यूरोपियन निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, किसी सामान्य निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करने के अधिकारी होंगे।

  2. बंबई में कतिपय चुने हुए मराठा बहुल सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों में मराठाओं के लिए सात स्थान आरक्षित होंगे।

  3. मतदान करने के पात्र ‘दलित वर्गों’ के सदस्य सामान्य निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करेंगे। इस तथ्य को दृष्टि में रखते हुए कि इस एकमात्र साधन के द्वारा ये वर्ग काफी लंबी अवधि तक किसी विधानमंडल में कोई पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं कर सकेंगे, उनके लिए अनेक विशेष स्थानों की व्यवस्था करनी होगी, जैसी कि तालिका में दी

  4. देखिए, पृष्ठ-463