478 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
उस स्थिति में माना जाएगा, यदि वह उस जाति से सम्बद्ध हो, जिसे भारत
सरकार (अनुसूचित जातियां) आदेश, 1936 के अंतर्गत उस क्षेत्र के लिए
जिसमें वह और उसका परिवार साधारणतः निवास करता है, अनुसूचित
जाति घोषित किया गया हो।
आदेशः आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक-एक प्रति सभी मुख्य आयुक्तों, भारत सरकार के विभिन्न विभागों, निदेशक, सूचना ब्यूरों और संघीय लोक सेवा आयोग को सूचनार्थ और मार्गदर्शन हेतु_ राजनीतिक विभाग, क्राउन फाइनेंस विभाग, गवर्नर जनरल (पब्लिक) के सचिव_ गवर्नर-जनरल (रिफार्म्स) के सचिव, गवर्नर जनरल (पर्सनल) के सचिव, लेजिस्लेटिव असेंबली, संघीय न्यायालय, महामहिम वाइसराय के सैन्य सचिव, और सभी प्रांतीय सरकारों को सूचनार्थ भेजी जाए, और यह भी कि संकल्प को भारत के राजपत्र में भी प्रकाशित किया जाए।
ई. कोनरान स्मिथ,
सचिव