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अध्यायः 5
रक्षा-व्यवस्था में कमजोरी
पाकिस्तान बनने से हिंदुस्तान की रक्षा के प्रश्न पर क्या प्रभाव पड़ेगा? यह प्रश्न बहुत तात्कालिक महत्व का नहीं है, क्योंकि यह मानने का कोई कारण नहीं है कि पाकिस्तान बनते ही वह तुरंत हिंदुस्तान से युद्ध छेड़ देगा। परन्तु चूंकि यह प्रश्न अवश्य उठाया जाएगा, इसलिए इस प्रश्न पर विचार किया जाना श्रेयस्कर होगा।
इस प्रश्न पर तीन शीर्षकों के अंतर्गत विचार किया जा सकता हैः
- सीमाओं का प्रश्न, 2. संसाधनों का प्रश्न और 3. सशस्त्र सेनाओं का प्रश्न।
I
सीमाओं का प्रश्न
हिंदू यह बात जरूर कहेंगे कि पाकिस्तान से हिंदुस्तान एक तर्कसंगत सीमा के बिना हो जाएगा, तथापि इसका स्वाभाविक उत्तर यह है कि मुसलमानों को पाकिस्तान मांगने का अधिकार छोड़ने के लिए केवल इसलिए नहीं किया जा सकता कि सीमाओं के मामले में इसका हिंदुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। व्यंग की बात छोड़ दीजिए, परंतु वास्तव में दो बातें हैं जिन पर यदि ध्यान दिया जाए तो मालूम होगा कि इस संबंध में हिंदुओं की आशंकाएं या भय बिलकुल निराधार हैं।
पहली बात तो यह है कि क्या कोई भी देश यह आशा कर सकता है कि उसकी सीमाएं ऐसी हों जिन्हें वैज्ञानिक कहा जा सके? जैसा कि नॉर्थ फ्रंटियर के लेखक मि. डेवीज ने लिखा हैः