70 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
(क) × × × ×
(ख) × × × ×
(ग) × × × ×
(घ) 1937 और 1938 में पैदल फौज में और घुड़सवार फौज में क्रमशः कितने हिंदुस्तानी सिपाही और 1937-38 में कितने हिंदुस्तानी अफसर भरती किए गए हैं? भरती किए गए अफसरों और सिपाहियों में से कितने पंजाबी, सिख, पठान, गढ़वाली, मराठा, मद्रासी, बिहारी, बंगाली और संयुक्त प्रांत के हिंदुस्तानी तथा गुरखा हैं?
(घ) यदि अन्य कोई नहीं, केवल पंजाबी सिख, पठान और गढ़वाली भरती किए गए हैं तो क्या माननीय सदस्य का विचार है कि भारत की रक्षा के लिए सभी प्रांतों से सिपाही भरती किए जाएंगे और उन्हें समुचित फौजी ट्रेनिंग दी जाएगी।
(च) क्या रक्षा सचिव यह बताएंगे कि क्या भारत की रक्षा के लिए प्रांतीय रेजीमेंटें बनाई जाएंगी, उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें पूरी तरह असले से लैस किया जाएगा? यदि नहीं, तो भारत की रक्षा के लिए एक कुशल फौज बनाने के बारे में उनकी योजना क्या है?
श्री सी.एम.जी. आगिल्वीः (क) माननीय सदस्य इस बात से सहमत होंगे कि ऐसी व्यवस्थाओं की जानकारी देना सार्वजनिक हित में नहीं है।
(ख) 5 कैडेट और 33 हिंदुस्तानी अप्रेंटिस 1937-38 में एयर फोर्स में भरती किए गए थे।
(ग) 1937-38 में 5 हिंदुस्तानियो को रॉयल इंडियन नेवी में कमीशन रैंकों में भरती किया गया है, 4 को अक्तूबर 1938 में प्रतियोगी परीक्षा के बाद लिया जाएगा और केवल डफरिन जहाज के कैडटों में से विशेष परीक्षा द्वारा तीन अन्य कैडटों को भी लिया जाएगा। इसी अवधि में 314 हिंदुस्तानियों को रॉयल इंडिया नेवी के भिन्न-भिन्न कमीशंड वर्गों में भरती किया गया है।
(घ) 31 मार्च, 1938 को समाप्त होने वाले वर्ष में 54 हिंदुस्तानियों को हिंदुस्तानी कमीशंड अफसरों के रूप में भरती किया गया था। अब उन्हें ब्रिटिश टुकडि़यों के साथ सम्बद्ध करके ट्रेनिंग दी जा रही है और अभी तक यह बताना संभव नहीं है कि इनमें कितने पैदल सेना में और कितने घुड़सवार सेना में लगाए जाएंगे। इसी अवधि में 961 भारतीय सिपाही घुड़सवार सेना में और 7,970 पैदल सेना में भरती किए गए थे। फौज के हैडक्वार्टर्स में विभिन्न वर्गों के अनुसार उनका विवरण उपलब्ध नहीं है,