5. रक्षा व्यवस्था में कमजोरी - Page 81

72 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

श्री एस. सत्यमूर्तिः कुल 1,20,000 में से?

श्री सी.एम.जी. आगिल्वीः लगभग, इतने में से।

श्री सत्यमूर्तिः क्या मैं यह मान लूं कि मद्रास की जनसंख्या और केंद्रीय राजकोष में मद्रास से मिले राजस्व को देखते हुए, और सभी प्रांतों से भरती करके एक राष्ट्रीय फौज बनाने की आवश्यकता को देखते हुए, यह अनुपात उचित है?

श्री सी.एम.जी. आगिल्वीः हम केवल इस आवश्यकता को मानते हैं कि फौज में केवल सर्वोत्तम लोग होने चाहिए।

श्री एस. सत्यमूर्तिः क्या मैं यह जान सकता हूं कि कैसी जांच से सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि पंजाब को छोड़कर अन्य प्रांत फौज के लिए सर्वोत्तम सिपाही नहीं दे सकते?

श्री आगिल्वीः अनुभव से।

डॉ. सर जियाउद्दीन अहमदः क्या मैं यह पूछ सकता हूं कि क्या यह एक तथ्य नहीं है कि अकाउंट्स (लेखा विभाग) की सभी शखाओं में मद्रासियों का एकाधिकार है और हिंदुस्तान में उनकी संख्या को देखते हुए क्या सरकार तत्काल उनकी संख्या में कमी करेगी?

श्री आगिल्वीः मैं नहीं समझता कि उक्त प्रश्न से यह बात कैसे पैदा हो गई, परंतु सरकार फिर भी किसी प्रांत की खातिर कुशलता छोड़ने को तैयार नहीं है।

हिंदुस्तानी रेजीमेंटों में विभिन्न जातियों के हिंदुस्तानी

प्रश्न 1078ः श्री अनांतशयम आयंगर (श्री मनु सूबेदार जी की ओर से)ः

(क) क्या रक्षा सचिव यह बताएंगे कि क्या अंग्रेजी शासन में कोई ऐसा प्रयोग किया गया है कि एक ऐसी हिंदुस्तानी रेजीमेंट बनाई जाए जिसमें विभिन्न प्रांतों से विभिन्न जातियों और वर्गों जैसे सिख, मराठा, राजपूत, ब्राह्मण और मुस्लिम लोग लिए जाएं।

(ख) यदि भाग (क) का उत्तर नहीं मैं है तो क्या सरकारी नीति के बारे में एक वक्तव्य दिया जाएगा, जिसमें यह बताया जाए कि ऐसा करना क्यों उचित नहीं समझा गया?

ऽ केंद्रीय विधानसभा वाद-विवाद, 1938 खंड VI पृ. 2478