5. रक्षा व्यवस्था में कमजोरी - Page 85

76 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

मध्य प्रांत और बरार से फौज में भर्ती।

प्रश्न 1402ः श्री गोविंद वी. देशमुखः क्या रक्षा सचिव यह बताने की कृपा करेंगे किः

(क) हिंदुस्तानी फौज में भरती करने के लिए मध्य प्रांत और बरार में कितने भरती केंद्र हैं?

(ख) किन वर्गों में से कोई भरती किए जाते हैं?

(ग) फौज की कुल संख्या के मुकाबले मध्य प्रांत और बरार से भर्ती किए गए लोगों का अनुपात कितना है? साथ ही इन प्रांतों की जनसंख्या के मुकाबले फौज में इनका कितना अनुपात है? और

(घ) भरती की वर्तमान नीति क्या है और क्या इसमें संशोधन किया जा रहा है, और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?

श्री सी.एम.जी. आगिल्वीः (क) मध्य प्रांत या बरार में कोई भरती-केंद्र नहीं है। मध्य प्रांत में रहने वाले लोग दिल्ली के भरती-अफसर के कार्यक्षेत्र में आते हैं और बरार में रहने वाले पूना के भर्ती के कार्यक्षेत्र में।

(ख) बरार के मराठों को एक अलग वर्ग के रूप में भरती किया जाता है। मध्य प्रांत और बरार से जो अन्य लोग भर्ती किए जाते हैं, उन्हें हिंदू या मुसलमान के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और उन्हें किसी अलग वर्ग के नाम से नहीं लिया जाता।

(ग) फौज की कुल संख्या के मुकाबले उनका प्रतिशत .03 है और इन प्रांतों में रहने वाले पुरुषों की संख्या का .0004 प्रतिशत है।

(घ) अभी वर्तमान नीति में संशोधन करने का कोई विचार नहीं है। इसका कारण 15 सितंबर, 1938 को श्री सत्यमूर्ति द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 1060 के उत्तर में और उसी तारीख को मियां गुलाम कादिर मुहम्मद शाहबान के तारांकित प्रश्न सं. 1086 के भाग (क) के उत्तर में मैं बता चुका हूं। 21 फरवरी, 1938 को महामहिम कमांडर-इन-चीफ द्वारा भी काउंसिल ऑफ स्टेट में मि. सुशील कुमार राय चौधरी के हिंदुस्तानियों को फौजी ट्रेनिंग देने के प्रस्ताव के संदर्भ में दिए गए उत्तर में और अप्रैल 1935 में माननीय श्री पी.एन. सपू्र के

ऽ विधान सभा वाद-विवाद, 1938 खण्ड- VII, पृ. 3313