5. रक्षा व्यवस्था में कमजोरी - Page 86

रक्षा-व्यवस्था में कमजोरी

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भारतीय फौज में सभी वर्गों की भर्ती के प्रस्ताव के संदर्भ में दिए गए उत्तर में इसका कारण बताया जा चुका है।

इसके बाद फिर एक बार 6 फरवरी, 1939 को नीचे दिया गया प्रश्न पूछा गया।

हिंदुस्तानी फौज में भरती

प्रश्न 129ः श्री एस. सत्यमूर्तिः क्या डिफेंस सेक्रेटरी यह बताने की कृपा करेंगेः (क) क्या इस प्रश्न के बारे में अपने पिछले उत्तर दिए जाने के बाद से सरकार ने हिंदुस्तानी फौज में सभी प्रांतों, सभी वर्गों तथा सभी संप्रदायों से भर्ती करने के लिए प्रश्न पर पुनर्विचार किया है?

(ख) क्या कोई ऐसी कसौटी है जिसके आधार पर सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि जिन प्रांतों और संप्रदायों के लोग भर्ती नहीं किए जाते, वे हिंदुस्तानी फौज के लिए निर्धारित कुशलता के उस स्तर तक नहीं पहुंच पाते जिस स्तर तक भर्ती किए जाने वाले प्रांतों और संप्रदायों के लोग पहुंच पाते हैं?

श्री सी.एम.जी. आगिल्वीः (क) नहीं।

(ख) प्रश्न नहीं उठता।

(ग) और (घ) कारण स्पष्ट रूप से 15 सितंबर, 1938 को पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 1060 और 1086 के उत्तर में, तथा काउंसिल ऑफ स्टेट में माननीय श्री पी.एन. सफ्रू द्वारा हिंदुस्तानी फौज में सभी वर्गों की भर्ती के बारे में, तथा माननीय श्री सुशील कुमार चौधरी द्वारा हिंदुस्तानियों को फौजी ट्रेनिंग देने के प्रस्तावों पर क्रमशः 13 मार्च, 1935 और 21 फरवरी, 1938 को हुई बहस का उत्तर देते हुए माननीय कमांडर-इन-चीफ बता चुके हैं।

भारत सरकार ने चुप रहने का जो षड्यंत्र किया हुआ था उसे अभी हाल में सेक्रेटरी-ऑफ-स्टेट फॉर इंडिया ने समाप्त कर दिया, जब उन्होंने इस अत्यंत महत्वपूर्ण और आवेश पैदा करने वाले विषय पर पूर्ण जानकारी हाउस ऑफ कॉमन्स में एक प्रश्न के उत्तर में दे दी। 8 जुलाई, 1943 को उनके द्वारा दिए गए उत्तर से पता चल जाता है कि हिंदुस्तानी फौज की प्रांतवार और संप्रदायवार संरचना इस प्रकार हैः

ऽ विधानसभा वाद-विवाद-1939, खंड I, पृ. 253