तुच्छ चालें
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घोषणा की थी परंतु वे मरना नहीं चाहते थे और बहुत लंबे जीवन के आकांक्षी थे। जो प्रेस नोट मैंने छपने के लिए दिया था, उससे यह स्पष्ट हो जाता है।
अनशन से समस्या उत्पन्न हो गई। समस्या थी कि श्री गांधी के प्राण कैसे बचाए जाएं? उनके प्राण बचाने का केवल एक ही उपाय था। वह यह था कि सांप्रदायिक पंचाट को रद्द कर दिया जाए जिसके बारे में श्री गांधी कहते थे कि इसने उनकी आत्मा को हिला दिया है। प्रधानमंत्री ने एकदम स्पष्ट कर दिया था कि ब्रिटिश मंत्रिमंडल उसे वापस नहीं लेगा और न ही उसमें अपने आप कोई परिवर्तन करेगा, परंतु वे किसी ऐसे सिद्धांत को जो सवर्ण हिंदुओं और अस्पृश्यों को मान्य हो, उसके स्थान पर लाने के लिए तैयार थे। चूंकि मुझे गोलमेज सम्मेलन में दलितों का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला था, इसलिए यह मान लिया गया कि अस्पृश्यों की सहमति मेरे उसमें शामिल हुए बिना मान्य नहीं होगी। आश्चर्य की बात यह थी कि भारत के अस्पृश्यों के प्रतिनिधि और नेता के रूप में मेरी स्थिति पर कांग्रेसियों ने प्रश्न चिह्न नहीं लगाया, वरन् उसे वास्तविक रूप में स्वीकार किया। स्वभावतः सबकी आंखें मेरी ओर लगी थीं, जैसे कि मैं इस नाटक का खलनायक होऊं।
यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि इन जटिल परिस्थितियों में, मैं असमंजस में पड़ गया। मेरे सामने दो ही रास्ते थे। मेरे सामने कर्तव्य था, जिसे मैं मानवीय कर्तव्य मानता हूं कि श्री गांधी के प्राणों को बचाया जाए। दूसरी ओर मेरे सामने समस्या थी कि अस्पृश्यों के उन अधिकारों की रक्षा की जाए जो प्रधानमंत्री ने दिए थे। मैंने मानवता की पुकार को सुना और श्री गांधी के प्राणों की रक्षा की। मैं सांप्रदायिक पंचाट में ऐसे ढंग से परिवर्तन करने के लिए राजी हो गया जो श्री गांधी को संतोषजनक लगे। वह समझौता पूना पैक्ट के नाम से जाना जाता है।
पूना पैक्ट का मूल पाठ
समझौते का मूल पाठ निम्न प्रकार से था µ
- प्रांतीय विधानसभाओं में सामान्य निर्वाचित सीटों में से दलित वर्गों के
लिए सीटें सुरक्षित की जाएंगी जो निम्न प्रकार से होंगी।
मद्रास 30, बम्बई और सिंध मिलाकर 15, पंजाब 8, बिहार एवं उड़ीसा
18, मध्य प्रांत 20, असम 7, बंगाल 30, संयुक्त प्रांत 20, कुल योग 148,
ये संख्या प्रांतीय काउंसिलों में कुल सीटों की संख्या पर आधारित थी, जिन्हें
प्रधानमंत्री ने अपने फैसले में घोषित किया था।
- इन सीटों का चुनाव संयुक्त निर्वाचन प्रणाली द्वारा निम्नलिखित प्रक्रिया
से किया जाएगाः