128 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
फ्मैं आपकी अनुमति से शब्द ‘इस निर्देश के साथ कि वह एक पखवाड़े में अपना प्रतिवेदन दे’ निकाले देता हूं और प्रस्ताव के शेष बचे भाग को यथावत रखूंगाः
‘और समिति की बैठक गठित करने के लिए आवश्यक सदस्यों की न्यूनतम संख्या पांच होगी।’
फ्महोदय, इदस प्रस्ताव की सूचना देते समय मैं यह नहीं सोच सकता था कि हम एक पखवाड़ा पहले ही अधर में लटक जाएंगे। इसलिए मैं विधेयक की सीमाएं समझ सकता हूं। हमें प्रवर समिति तक पहुंचने का समय नहीं मिलेगा। मैं यह भी समझता हूं कि इस विषय में हमारे पास अभी अपनी राय व्यक्त करने का अवसर है।
फ्मैंने पहले ही कहा है कि मैंने श्री सत्यमूर्ति से क्षमा मांग ली है, क्योंकि श्री मुदालियार इतनी तेजी से भाषण दे रहे थे और मेरी बात कह रहे थे, इसलिए मैं अपनी बात स्पष्ट करने की स्थिति में उस समय नहीं था। यदि मैं ऐसा करता, तो श्री मुदालियार के भाषण में रुकावट डालता जो कि गलत होता। मैं जानता हूं कि श्री सत्यमूर्ति ने, जो मंदिर प्रवेश विधेयक के पक्ष में कभी नहीं रहे, कांग्रेस को उस विधेयक से हाथ खींच लेने के लिए तैयार कर लेने में सफलता प्राप्त कर ली है। मैं मद्रास के पत्र फ्हिंदूय् में 16 अगस्त को श्री राजगोपालाचारी का जो बयान प्रकाशित हुआ था, पढ़ रहा हूं - फ्हिंदूय् मद्रास का बहुत उत्तरदायी अखबार है, क्योंकि यह तार द्वारा दिया गया साक्षात्कार नहीं था, बल्कि लिखित बयान है, मुझे विश्वास है कि श्री राजगोपालाचारी का बयान बहुत सच माना जाएगा। श्री राजगोपालाचारी अस्पृश्यों के साथ विश्वासघात करने के कारण जनता से माफी मांग रहे हैं।य् श्री गांधी के प्रमुख सिपहसालार होने के नाते उनका विश्वासघात रिकॉर्ड में अवश्य आ जाना चाहिए। उनका कहना है -
फ्कुछ सनातनी हिंदुओं द्वारा प्रश्न उठाया गया है कि क्या कांग्रेस प्रत्याशी यह वचन देंगे कि कांग्रेस किसी भी ऐसे वैधानिक प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी, जो धार्मिक कृत्यों के आड़े आएगा। इसी प्रकार के प्रश्न अन्य विषयों पर भी पूछे जा सकते हैं। इस प्रकार के प्रश्न केवल कांग्रेस प्रत्याशियों से पूछे जाते हैं। अन्य दलों के प्रत्याशियों और अन्य निर्दलीय प्रत्याशियों से इस प्रकार का स्पष्टीकरण नहीं मांगा जाता। यह कांग्रेस के लिए बड़ी प्रशंसा की बात है।य्
फ्यह श्रीमान राजगोपालाचारी का बयान है। उस साधारण से विषय पर जनता की प्रशंसा के अनुरूप कार्य करने के बजाए लोकमत उभारने के