148 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
की सार्वजनिक रूप से निंदा की जाए। अस्पृश्यता निवारण के इस प्रश्न को इसी नीयत से अपने हाथ में लिया जाए। इसके लिए संस्थाएं बनाई जाएं, तो और अधिक अच्छा होगा। मैं तो यही चाहूंगा कि सूती मिलों के बुनाई विभागों में दलित वर्गों को शामिल करने का अवसर दिया जाए। हिंदुओं द्वारा संचालित प्राइवेट फर्म और कंपनियों में, उनके दफतरों में, विभिन्न श्रेणियों के पदों के लिए, जहां दलित वर्ग के योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध हों, तो उन्हें नौकरी दिलाकर बहुत कुछ किया जा सकता है।
3. सामाजिक मेलजोल
अतः मैं कहना चाहता हूं कि हिंदुओं के मन में दलितों के प्रति जो द्वेष भाव की मनोवृत्ति घर की गई है, उसे दूर किया जाए। यही उनके बीच अलगाव का मुख्य कारण है। मेरे विचार से सबसे अच्छा तरीका तो यही है कि दोनों में नजदीकी रिश्ता कायम किया जाए। दोनों वर्गों में आपसी मेल-जोल से ही ऐसी भ्रमपूर्ण भावनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है। मेरे विचार से सवर्ण हिंदुओं के घरों में दलितों को मेहमानों अथवा नौकरों के रूप में प्रवेश दिलाने से अधिक प्रभावकारी उपाय और कोई नहीं हो सकता। इस प्रकार का पारस्परिक मेल-जोल उन दोनों वर्गों को नजदीक लाएगा और हमारी उस एकता का मार्ग प्रशस्त होगा, जिसके लिए हम सभी प्रयत्नशील हैं। मुझे अफसोस है कि बहुत से सवर्ण हिंदू, जो अपने को बड़ा उत्तरदायी होने का दिखावा करते हैं, इसके लिए तैयार नहीं होंगे। श्री गांधी के दस दिनों के अनशन के समय जब भारतीय समाज कांप उठा था, तब विले पारले और महाद में ऐसी कुछ बातें हुईं, जहां सवर्ण हिंदू नौकरों ने अपना काम छोड़ दिया, क्योंकि उनके मालिकों ने अस्पृश्यों के साथ भाईचारे का बर्ताव कर अस्पृश्यता के पुराने नियमों को तोड़ दिया था। मुझे आशा थी कि वे मालिक उनके स्थानों पर अस्पृश्यों को नौकरी देकर हड़ताल समाप्त कर गलती करने वाले लोगों को पाठ सिखाएंगे। ऐसा करने की अपेक्षा, उन्होंने रूढि़वादियों के सामने हथियार डाल दिए और उन्हें पहले से अधिक मजबूत कर दिया। मैं नहीं समझता कि दलित वर्गों के ऐसे अवसरवादी मित्र कहां तक उनके सहायक सिद्ध होंगे? जब लोग मुसीबत में होते हैं, तो उन्हें केवल इतना तो संतोष होता है कुछ लोग हैं, जो उनसे हमदर्दी रखते हैं। इसलिए मैं लीग से कह सकता हूं कि दलित वर्ग के लोग इन सवर्ण हिंदुओं को अपना हितैषी तब तक नहीं मानेंगे, जब तक यह सिद्ध न हो जाए कि वे अपने प्रियजनों