राजनीतिक दान
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अस्पृश्यों को यह पूछने का अधिकार नहीं कि धन कैसे खर्च किया जाएगा, तो कोई भी स्वाभिमानी अस्पृश्य उनके पास इस प्रकार नहीं जाएगा। सौभाग्यवश जो अस्पृश्य उनसे जा चिपके रहे, वही बेरोजगार और लफंगे थे, जो राजनीति को अपनी कमाई का धंधा बनाना चाहते हैं। परंतु श्री गांधी को सोचना चाहिए कि इस विषय में वह जो कुछ कह रहे हैं, वह परिवर्तन के औचित्य पर लीपापोती ही है। इससे यह नहीं स्पष्ट होता है कि संघ के मूल उद्देश्यों में परिवर्तन का क्या कारण था? सवाल यह है कि फ्श्री गांधी किसी समय अस्पृश्यों को संघ की प्रबंधक बोर्ड में रखने के इच्छुक थे और अब उन्हें उस संस्था से निकालने के पक्ष में क्यों हैं?य्
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इंडियन सोशल रिफार्मर में पत्र के लेखक का यह कथन सत्य है कि अस्पृश्यों ने ‘डिप्रेस्ड क्लासेस मिशन सोसायटी’ से कोई द्वेष भाव नहीं रखा। वह सोसायटी भी हरिजन सेवक संघ के समान अस्पृश्यों के बीच में कल्याण कार्य कर रही थी। हिंदुओं और अस्पृश्य, दोनों ने पूरी लगन से कंधे से कंधा मिलाकर मिशन के कार्य को आगे बढ़ाया। लेखक का यह कहना सही नहीं है कि इसका कारण ‘डिप्रेस्ड क्लासेस मिशन’ का अपनी प्रबंध समिति में कुछ अस्पृश्य लोगों को रखना था। यह बिल्कुल सही है। इसी वजह से मिशन और अस्पृश्यों में द्वेष भावना नहीं थी और ठीक इसके विपरीत संघ और अस्पृश्यों के बीच विद्वेष मौजूद था। इसका कारण यह था कि मिशन का कार्य राजनीतिक उद्देश्यों से परे था, परंतु संघ का उद्देश्य राजनीतिक था।
यह सच है कि मूल विचार संघ को राजनीति से बिल्कुल अलग रखना था। तीन नवंबर, 1932 को जारी किए गए बयान में कहा गया था µ
फ्संघ बिना किसी राजनीति के अपने कार्य को चालू रख सकता है और संघ
का निश्चय है कि वह राजनीतिक अथवा धार्मिक किसी भी प्रकार के प्रचार
से अपने को सम्बद्ध नहीं करेगा। इसीलिए प्रांतीय तथा केंद्रीय कार्यकारिणी के
अध्यक्ष अपने कार्यकर्ताओं का चुनाव बड़ी सावधानी से करेंगे। इस उद्देश्य को
ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि संघ के पूर्वकालिक वेतनभोगी कार्यकर्ता
राजनीति अथवा किसी वर्ग के धार्मिक प्रचार में भाग नहीं ले सकते।य्
परंतु इस घोषणा पर अमल कम हुआ, और उल्लंघन अधिक। इसका कारण यह था कि अस्पृश्यों को कांग्रेस के फंदे में लाने का लोभ संवरण नहीं किया जा सका। इसके लिए हरिजन सेवक संघ को उपयोग में लाया गया ताकि अस्पृश्य कांग्रेस की राजनीति स्वीकार कर सके और कांग्रेस की विचारधारा के प्रभाव में आकर उसकी