एक झूठा दावा
175
है, जिसमें हिंदुओं की संख्या बढ़ा दी गई है। जैसा कि तालिका के आंकड़ों से स्पष्ट है, 20 निर्वाचन-क्षेत्रों में अस्पृश्य मतदाताओं और हिंदू मतदाताओं में 10 और 100 तक का अनुपात, 27 निर्वाचन क्षेत्रों में से 11 से 15 और 100 के बीच, 18 निर्वाचन क्षेत्रों में 15 से 20 और 100 तक, 27 निर्वाचन क्षेत्रों में 21 से 25 और 100 तक और 11 निर्वाचन क्षेत्रों में 20 से लेकर 30 और 100 के मध्य था। इन उदाहरणों से स्पष्ट हो जाएगा कि हिंदू मतदाताओं का बहुमत कितना अधिक था और उन्होंने इस लड़ाई में कैसे अस्पृश्य मतदाताओं को मात दी। इस संबंध में यह अवश्य याद रखना होगा कि प्रत्येक अनुसूचित जातीय निर्वाचन-क्षेत्र संयुक्त निर्वाचन-क्षेत्र है जिनमें दोनों वर्गों के मतदाता-अनुसूचित जातीय तथा सवर्ण हिंदू मतदाता - अस्पृश्य उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं और उस सीट को प्राप्त करने की स्पर्धा में थे। इस खेल में दोनों वर्गों की मत संख्या काफी विषमतापूर्ण परन्तु महत्वपूर्ण है।
चुनाव में सफलता के लिए ऐसे संयुक्त निर्वाचन-क्षेत्र में मुख्यतया गु्रपों की मत सापेक्षता का बहुत महत्व है।
चुनाव में दूसरी कठिनाई वहां पर उत्पन्न होती है, जहां सामान्य निर्वाचन-क्षेत्रों के लिए सीटों की संख्या निश्चित है और उनमें अस्पृश्यों के लिए सीटें आरक्षित होती हैं। निम्नांकित तालिका से ज्ञात होता है कि विभिन्न प्रांतों में अलग-अलग तरीके अपनाए गए थे।
तालिका - 16
उन सामान्य निर्वाचन-क्षेत्रों का वर्गीकरण जिनमें अस्पृश्यों के लिए सीटें सुरक्षित हैं।
| izkar | vLi`';ksa ds fy, vkjf{kr lhVksa dh la[;k |
mu fuokZpu& {ks=kksa dh la[;k tgka nks lhVsa gSa |
mu fuokZpu& {ks=kksa dh la[;k tgka rhu lhVsa gSa |
mu fuokZpu& {ks=kksa dh la[;k tgka pkj lhVsa gSa |
|---|---|---|---|---|
| eækl cEcbZ caxky la;qDr izkar iatkc fcgkj eè; izkar vle mM+hlk |
30 15 30 20 8 15 20 7 6 |
30 'kwU; 20 20 8 15 20 6 6 |
'kwU; 6 5 'kwU; 'kwU; 'kwU; 'kwU; 1 'kwU; |
'kwU; 9 'kwU; 'kwU; 'kwU; 'kwU; 'kwU; 'kwU; 'kwU; |
| ;ksx | 151 | 125 | 12 | 9 |