झूठा आरोप
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कि कोई इस बात की परवाह नहीं करता कि कांग्रेस का प्रतिनिधिक स्वरूप क्या है? कांग्रेस किसका प्रतिनिधित्व करती है और किसका नहीं। कांग्रेस ने अपने आप ही यह कहने का अधिकार ले लिया कि स्वतंत्र भारत का संविधान कैसा होना चाहिए। देश के नाम पर इस प्रकार बोलने का अधिकार एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनता है और जो इसे नहीं मानते उनके पास इस कथन को चुनौती देने के सिवाए और कोई विकल्प नहीं है।
II
इस सबके बावजूद विदेशियों ने पूछा कि स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस का साथ क्यों नहीं दिया जाता? कांग्रेस के साथ सहयोग करने से पहले संविधान में संरक्षण की शर्त क्यों रखी जाती है? स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् ही संरक्षण की बात चलाई जाती है। एक विदेशी इन तर्कों को सुनकर समझ जाएगा कि अस्पृश्यों ने स्वतंत्रता संग्राम में कांग्रेस का सहयोग करने में अपने को सुरक्षित क्यों नहीं समझा। परंतु कुछ ऐसे भी लोग होंगे, जो ऐसी कल्पना नहीं कर सकते और उसके विषय में जानना चाहेंगे। कारण अनेक हैं_ उनमें से जो महत्वपूर्ण हैं, वे इस प्रकार हैंःµ
प्रथम कारण सहज सोच पर आधारित है। अस्पृश्यों का कहना है कि कांग्रेस से अग्रिम रूप में मांग मनवाने में क्या हानि है? यदि कांग्रेस पहले ही गारंटी दे देती है, तो इससे कांग्रेस का क्या नुकसान है? वे तर्क देते हैं कि यदि कांग्रेस पहले से ही संरक्षणों की मांग पर सहमत हो जाती है, तो उसका दोहरा असर पड़ेगा। पहली बात तो यह कि जो अस्पृश्य आशंकित हैं, उन्हें विश्वास दिलाना होगा कि बहुसंख्यक हिंदू संप्रदाय के अंतर्गत उनके भाग्य का निपटारा कैसे किया जाएगा। दूसरी बात यह कि इस प्रकार का आश्वासन कांग्रेस का सहयोग करने के लिए अस्पृश्यों को प्रेरित करने के अभिप्राय से किया जाता है। आखिरकार अस्पृश्य कांग्रेस से असहयोग क्यों करते हैं? इन सबका उत्तर यही है कि उन्हें इस बात का डर है कि यदि इस प्रकार स्वतंत्रता प्राप्त कर ली जाती है, तो बहुसंख्यक हिंदू उन्हें पुनः गुलाम बना लेंगे। तब इस डर को यदि थोड़ी कीमत चुका कर दूर किया जा सकता है, तो अग्रिम रूप में मांगें मानने का समझौता क्यों न कर लिया जाए?
दूसरा कारण आज तक के अनुभवों में निहित है। अस्पृश्यों का कहना है कि संसार के अनुभवों से इस आशा की पुष्टि नहीं होती कि स्वतंत्रता संग्राम की समाप्ति के बाद शक्तिशाली वर्ग कमजोर वर्ग को सुरक्षा देने की उदारता दिखाते हों। इस प्रकार के विश्वासघात के बहुत से उदाहरण दिए जा सकते हैं। सबसे कुत्सित उदाहरण