9. विदेशियों से आग्रह - Page 236

विदेशियों से आग्रह

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कैसे उन्होंने आक्रमण करने के लक्ष्य के लिए नमक कानून को चुना? उसी यात्रा के लिए दांडी को चुना? कैसे उन्होंने अपने आपको आंदोलन का नायक बनाया? कैसे वे अहमदाबाद में अपने आश्रम से तामझाम लेकर खुशी मनाते संघर्ष के लिए बाहर निकले? कैसे अहमदाबाद की औरतों ने उनकी आरती उतारी और माथे पर विजय तिलक लगाया? कैसे श्री गांधी ने यह कहते हुए विश्वास दिलाया कि अकेले गुजरात ही भारत को स्वराज्य दिलाएगा? कैसे गांधी जी ने घोषणा की कि बिना स्वराज्य प्राप्त किए वह अहमदाबाद वापस नहीं लौटेंगे? इन सबका उल्लेख करने में कांग्रेसी इतिहासकार असफल न होगा कि एक तरफ कांग्रेसी स्वराज्य की लड़ाई लड़ने में व्यस्त थे, जिसके लिए वे कहते थे कि समस्त जनता के नाम से वे उस लड़ाई को जीतना चाहते थे और दूसरी ओर उन्हीं वर्षों में वे छोटी जातियों पर भयानक अत्याचार कर रहे थे और खुले तौर पर उनसे अलगाव पैदा कर रहे थे।

भारत में दलित वर्ग के प्रति शासक वर्ग की ऐसी मनोवृत्ति है।

IV

इस देश में शासक वर्ग के अधीन शोषित वर्ग का क्या हाल होगा?

कांग्रेस स्वराज्य प्राप्त होने पर शोसित वर्ग के लिए आश्चर्यजनक कार्य करने का वायदा करती है। कांग्रेस समस्त जनता के हित में बोलने का दम भरती है और उसे बोलना भी चाहिए, क्योंकि शासक वर्ग ने शोषित वर्ग को बंधक बना रखा है। कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगी। परंतु ऐसा स्वराज्य प्राप्त होने पर ही संभव है। यह ऐसा वाग्जाल है, जिससे विदेशी धोखे में पड़ जाएं। बढ़-चढ़ कर इस तरह की बातें करने के इस कथन को दरकिनार कर देने पर भी यह पूछा जा सकता है कि जब भारत पूर्णतया स्वतंत्र हो जाएगा, तब वास्तव में क्या होगा? एक बात निश्चित है। स्वराज्य के पास जादू की ऐसी कोई छड़ी नहीं होगी जिससे शासक वर्ग छूमंतर हो जाएगा। ब्रिटिश साम्राज्य के चंगुल से निकलने पर भी शासक वर्ग ज्यों का त्यों बना रहेगा। यही नहीं उसमें और अधिक शक्ति और प्रबलता आ जाएगी। शासक वर्ग वैसे ही सत्ता पर हावी हो जाएगा जैसा कि अन्य देशों में होता है। संक्षेप में स्वराज्य जनता की सरकार नहीं होगी, वरन् शासक वर्ग की सरकार होगी और जनता की सरकार जनता के लिए सरकार के नारे को शासक वर्ग दफना कर, जो चाहेगा करेगा।

भारत के पूर्णतया स्वतंत्र होने पर शासक वर्ग क्या करेगा? कुछ लोगों को आशा है कि शासक वर्ग कास्तकारी कानूनों में सुधार करेगा। नियम बनाकर कारखानों का