244 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
विचारक उस वर्ग को भूल गए हैं, जिसकी सहायता करना उनका कर्तव्य है, इसकी अपेक्षा वे उन भारतीय अनुदारवादियों को प्रोत्साहन दे रहे हैं, जो लोग स्वतंत्रता के नारे का दुरुपयोग करते हैं और वे ऐसा करके अपनी करनी पर पर्दा डालते हैं और संसार को गुमराह करते हैं।
कांग्रेस द्वारा फैलाया गया यह कोहरा छंट जाएगा और विदेशी अनुभव करने लगेंगे कि भारत में प्रजातंत्र और स्वायत्त-शासन तब तक वास्तव में स्थापित नहीं हो सकता, जब तक कि स्वतंत्रता का लाभ सभी को न मिले। परंतु यदि वे कांग्रेस की वास्तविकताओं तथा उसके इरादों की बिना परीक्षा किए खोखले नारों के आधार पर आंख मूंद कर कांग्रेस का समर्थन करते रहे, तो मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि वे भारत के मित्र होना तो दूर रहा भारतीय जनता की स्वतंत्रता के लिए निश्चित रूप से खतरा हैं। यह बड़े दुःख की बात है कि वे उस उत्पीड़क को पहचानने का प्रयास नहीं करते। कांग्रेसी स्वतंत्रता का तर्क इसलिए देते हैं कि वे अपने उन अधिकारों को पुनः प्राप्त करना चाहते हैं, जिनसे वे उन दलित वर्गों को और पद-दलित कर सकें, जो उनके दमन से छुटकारा पाना चाहते हैं। स्वतंत्रता-प्राप्ति की शीघ्रता में उन्हें यह समझने का अवसर नही कि कांग्रेस का पक्ष लेकर वे जो कुछ चाहते हैं, उससे भारत प्रजातंत्र के लिए सुरक्षित न रह सकेगा, बल्कि तानाशाह को तानाशाही करने की पूरी छूट मिल जाएगी। क्या उनसे यह कहना आवश्यक है कि कांग्रेस का समर्थन करना तानाशाहों को दूसरों पर शिकंजा कसने की आजादी देना है।