10. अस्पृश्य क्या कहते हैं? - Page 273

258 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

किया, जो समिति को निश्चित की गई धनराशि के संबंध में कांग्रेस कार्यसमिति से लड़ रहे थे। श्री गांधी ने समिति भंग होने का विरोध क्यों नहीं किया? श्री गांधी ने दूसरी समिति क्यों गठित नहीं की? उन्होंने अस्पृश्यों के लिए कार्यक्रम को महत्वहीन कामों की तरह तिलांजलि देने की।

(3) गांधी जी ने स्वराज्य प्राप्ति के आंदोलन की पांच शर्तें प्रमाणस्वरूप आवश्यक बताई थींः (एक) हिंदू मुस्लिम एकता_ (दो) अस्पृश्यता निवारण_ (तीन) सार्वभौमिक रूप से सूत कातना और खादी का ही प्रयोग करना_ (चार) पूर्ण अहिंसा_ और (पांच) पूर्ण असहयोग। श्री गांधी ने केवल इन शर्तों का निर्धारण ही नहीं किया था, वरन् उन्होंने देशवासियों से कहा था कि इन शर्तों को पूरा किए बिना स्वराज्य नहीं मिल सकता। 1922 में श्री गांधी ने हिंदू मुस्लिम एकता के लिए अनशन किया था। 1924 में उन्होंने कांग्रेस सदस्यता प्राप्त करने के लिए सूत कातना और

खादी का इस्तेमाल आवश्यक कर दिया था। तब श्री गांधी ने कांग्रेस की सदस्यता प्राप्त करने के लिए 1924 में अथवा उसके बाद किसी भी समय उन्होंने अस्पृश्यता न मानने की शर्त को इसमें शामिल क्यों नहीं किया।?

(4) श्री गांधी ने अपने हित के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अनेक बार अनशन किया। गांधी ने अस्पृश्यता के लिए एक बार भी अनशन क्यों नहीं किया?

(5) श्री गांधी ने शासन में हो रही गलतियों को सुधारने के लिए और स्वराज्य प्राप्ति के लिए सत्याग्रह की खोज की और ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध उसका प्रयोग किया। तब श्री गांधी ने अस्पृश्यता के लिए कुओं से पानी भर देने, मंदिर प्रवेश और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर उनके जाने के अधिकार के लिए हिंदुओं के विरुद्ध एक बार भी सत्याग्रह या अनशन क्यों नहीं किया?

(6) श्री गांधी के सिद्धांत का अनुकरण करते हुए अस्पृश्यों ने 1929 में कुओं से पानी लेने और प्रवेश के संबंध में हिंदुओं के विरुद्ध सत्याग्रह किया तब श्री गांधी ने अस्पृश्यों के सत्याग्रह की निंदा क्यों की?

(7) गांधी जी ने घोषणा की थी कि यदि जमोरिन द्वारा गुरूवयूर मंदिर अस्पृश्यों के लिए नहीं खोला जाएगा तो वह अनशन करेंगे। परंतु जब मंदिर अस्पृश्यों के लिए नहीं खोला गया तो गांधी जी ने अनशन क्यों नहीं किया?

(8) गांधी जी ने 1932 में ब्रिटिश सरकार को धमकी दी थी कि यदि गवर्नर जनरल ने कांग्रेस की ओर से श्री रंगा अय्यर को मंदिर प्रवेश विधेयक केन्द्रीय विधानमंडल में पुरःस्थापित करने की अनुमति नहीं दी गई तो इसके परिणाम बहुत बुरे होंगे। चूंकि केंद्रीय सभा के लिए नए चुनाव कराने की घोषणा की गई, कांग्रेस