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अस्पृश्य क्या कहते हैं?

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ने श्री रंगा अय्यर के विधेयक का समर्थन वापस ले लिया और श्री रंगा अय्यर को इसे यों ही छोड़ना पड़ा। यदि श्री गांधी वास्तव में मंदिर-प्रवेश के पक्ष में थे तो उन्होंने कांग्रेस का समर्थन क्यों किया? अस्पृश्यों के लिए मंदिर प्रवेश अथवा चुनावों में कांग्रेस की विजय इन दोनों में कौन अधिक महत्वपूर्ण था?

(9) श्री गांधी जानते हैं कि अस्पृश्यों के सामने कठिनाई यह नहीं है कि उनको नागरिक अधिकार प्राप्त नहीं हैं। अस्पृश्यों की कठिनाई हिंदुओं के इस षड्यंत्र में निहित है कि उनहें धमकी दी जाती है कि यदि अस्पृश्यों ने अपने अधिकारों का उपयोग किया, तो उन्हें इसके भयंकर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अस्पृश्यों की सही मायनों में मदद करने का मार्ग यही है कि उनके नागरिक अधकिरों की सुरक्षा के लिए कोई संस्था हो, जिसका दायित्व उन हिंदुओं के विरुद्ध अभियोग चलाना हो और अस्पृश्यों पर अत्याचार करने, उनका सामाजिक एवं आर्थिक बहिष्कार करने और उन्हें नागरिक अधिकारों का उपयोग करने से रोकने के दोषी पाए जाएं। श्री गांधी ने इसे हरिजन सेवक संघ के उद्देश्य के रूप में क्यों नहीं शामिल किया?

(10) श्री गांधी के राजनीतिक मंच पर आने से पहले अस्पृश्यों का उत्थान करने के लिए कुछ सवर्ण हिंदुओं ने डिप्रेस्ड क्लासेस मिशन सोसायटी बनाई थी। उस संस्था को चलाने के लिए हिंदुओं ने चंदा इकट्टòा किया था। उस सोसायटी का कार्य-संचालन संयुक्त बोर्डों, जिनमें हिंदू और अस्पृश्य दोनों होते थे, द्वारा किया जाता था। तब श्री गांधी ने हरिजन सेवक संघ के प्रबंध से अस्पृश्यों को क्यों अलग रखा?

(11) यदि श्री गांधी अस्पृश्यों के सच्चे मित्र हैं, तो वे अस्पृश्यों को अपनी सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम साधन जुटाने के लिए राजनीतिक संरक्षण के विषय में तय करने का प्रश्न उन्हीं पर क्यों नहीं छोड़ देते? गांधी जी इस हद तक क्यों चले गए कि उन्होंने अस्पृश्यों को मझधार में छोड़ देने के लिए मुसलमानों से समझौता कर लिया। श्री गांधी ने अस्पृश्यों को सांप्रदायिक फैसले के लाभों से वंचित करने के लिए आमरण अनशन की घोषणा क्यों की?

(12) पूना पैक्ट स्वीकार हो जाने के बाद श्री गांधी ने कांग्रेस से यह कह कर अस्पृश्यों को विश्वास में क्यों नहीं लिया कि कांग्रेस अस्पृश्यों के लिए सुरक्षित सीटों पर हिंदुओं के कठपुतली अस्पृश्यों को चुनाव मैदान में न उतारे, वरन अस्पृश्यों को स्वयं अपने हितचिंतक उम्मीदवारों को खड़ा करने दें?

(13) पूना पैक्ट पर स्वीकृति के पश्चात् गांधी जी भलेमानुष की तरह समझौते पर क्यों नहीं कायम रहे और कांग्रेस मंत्रिमंडल में अस्पृश्यों के प्रतिनिधियों को शामिल करने के लिए कांग्रेस हाई कमान को क्यों निर्देश नहीं दिए?