16 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
फ्तीसरा प्रस्ताव जो सर्वसम्मति से पास किया गया वह यह था - भारत में डिप्रेस्ड क्लासेस जिन्हें अस्पृश्य कहा जाता है, की संख्या बहुत अधिक मानी जाती है और उनकी दशा अत्यंत शोचनीय है जिसके कारण उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है जो शिक्षा की दृष्टि से अन्य भारतीयों से कोसों दूर हैं, उनकी प्रति के लिए उन्हें कोई अवसर नहीं मिलते हैं। इसलिए यह जनसभा दृढ़तापूर्वक महसूस करती है कि सरकार को डिप्रेस्ड क्लासेस के सुधार की योजना तथा काउंसिल का पुनर्गठन करना चाहिए जिसमें डिप्रेस्ड क्लासेस के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए। इसलिए यह जनसभा ब्रिटिश सरकार से अनुरोध करती है कि सरकार लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए डिप्रेस्ड क्लोसस को अपने प्रतिनिधि चुनकर भेजने का अधिकार उनकी जनसंख्या के आधार पर प्रदान करे और उनकी सुरक्षा का दायित्व ले।य्
फ्चौथा प्रस्ताव जो सर्वसम्मति से पास किया गया था वह यह था कि सरकार से अनुरोध किया जाए कि सरकार समाज के सभी वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए अनिवार्य एवं निःशुल्क शिक्षा की यथाशीघ्र व्यवस्था करे क्योंकि किसी समुदाय के सदस्यों में शिक्षा का सार्वभौमिक विस्तार उस समाज के सामाजिक उत्थान पर निर्भर करता है और डिप्रेस्ड क्लासेस का पतन अशिक्षा अथवा निरक्षरता एवं अज्ञान के कारण ही है।य्
फ्सर्वसम्मति से पारित किया गया पांचवा प्रस्ताव इस प्रकार है - कि इस सभा के अध्यक्ष को इंडियन नेशनल कांग्रेस से यह अनुरोध करने के लिए प्राधिकृत किया जाता है कि कांग्रेस अपने अगले अधिवेशन में अलग से स्वतंत्र प्रस्ताव पास करे जिसमें भारत के जनसाधारण के समक्ष डिप्रेस्ड क्लासेस पर धार्मिक तथा रूढि़गत परम्पराओं द्वारा थोपी गई सभी अयोग्यताओं को समाप्त करने की आवश्यकता, औचित्य एवं नैतिकता के संबंध में घोषणा की जाए क्योंकि ये सभी अयोग्यताएं डिप्रेस्ड क्लासेस के लिए अत्यंत दुखदायी और उन्हें पददलित करने वाली सिद्ध हुई हैं जिनके कारण उन्हें पब्लिक स्कूलों में प्रवेश पाने, अस्पतालों में, अदालतों में, सरकारी कार्यालयों में तथा सामान्य कुओं से पानी भरने में बाधा उत्पन्न हो रही है और ये अयोग्यताएं जो समाज में उत्पन्न हुई हैं कानून और व्यवहार में राजनीतिक अयोग्यताएं बन गई हैं और इसलिए वे इंडियन नेशनल कांग्रेस के राजनीतिक मिशन और प्रचार का अंग बन गई हैं।