308 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कपड़े खरीद रहे हैं। मैं सात जून को लखनऊ में अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की होने वाली बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव रखना चाहता हूं कि अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के तीन सदस्यों की एक उप समिति नियुक्त की जाए, जो दलित वर्गों से संबंधित संकल्प को कार्यान्वित कराए और पांच लाख रुपये की धनराशि प्रचार के लिए उनके नाम उपरोक्त उप समिति को भेजी जाएं।य् मेरे प्रस्ताव को उप समिति ने इस प्रकार संशोधित कर दियाःµ
फ्यह समिति एक ऐसी समिति का गठन करती है, जिसमें स्वामी श्रद्धानंद, श्रीमती सरोजिनी नायडू, श्री जी.वी. देशपांडे और आई.के. याज्ञनिक होंगे, जो एक ऐसी योजना तैयार करेंगे, जिसमें सारे देश में अस्पृश्यों की दशा को बेहतर बनाने के उपाय सुझाए जायेंगे और कांगे्रस कार्य समिति की अली बैठक के सामने विचारार्थ प्रस्तुत किए जाऐंगे और फिलहाल इस योजना के लिए दो लाख रुपये निश्चित किए जाते हैं।य्
श्री पटेल ने मुझ से कार्य समिति के संकल्प को पूर्णरूपेण स्वीकार करने के लिए कहा। मैंने संकल्प को अस्वीकार कर दिया और कांगे्रस महासमिति की पहली बैठक में ही दो लाख के स्थान पर पांच लाख रुपये इस शर्त पर रखवाए कि अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी एक लाख रुपया जो समिति के पास जमा है, उसमें से स्वीकार करे और शेष के लिए अपील जारी करे।
कार्य समिति की ओर से श्री राजगोपालाचारी ने प्रस्ताव किया कि कांगे्रस कोष से धनराशि निश्चित करने के बजाए यह प्रबंध कर दिया जाना चाहिए कि जब कार्य समिति योजना स्वीकार कर लेगी, तो यह समिति जितना धन दे सकेगी, स्वीकार करेगी। मुझे ठीक शब्द तो याद नहीं हैं, परंतु मेरी जानकारी के अनुसार उपरोक्त संशोधन का अभिप्राय सचमुच यही था।
इस पर चारों ओर से होहल्ला मचा और यह मांग की जाने लगी कि अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के पास जमा धनराशि घोषित की जाए। अध्यक्ष ने मुझे अलग बुला कर विश्वास में लेकर कहा कि कांगे्रस के पास बहुत कम धनराशि बची है और यदि सही स्थिति बता दी जाती है, तो इससे आंदोलन को ठेस पहुंचेगी, क्योंकि वहां बाहरी लोग और गुप्तचर भी मौजूद हैं। इस पर मैंने अपने समर्थकों के विरोध करने पर भी श्री राजगोपालाचारी के प्रस्ताव को मान लिया। परंतु मुझे तब बड़ा आश्चर्य हुआ जब मुझे समाचारपत्रों से ज्ञात हुआ कि राजगोपालाचारी का संशोधन भी नामंजूर कर दिया गया।
उपरोक्त संकल्प पारित होने के बाद कुछ सदस्यों ने राय दी कि उप-समिति का एक संयोजक नियुक्त किया जाना है तो कई सदस्यों ने मुझे ही संयोजक बनाने का प्रस्ताव किया। इस पर तत्कालीन महामंत्री श्री विट्ठल भाई पटेल उठे और कहा