अस्पृश्यों के लिए बारदोली कार्यक्रम पर स्वामी श्रद्धानंद के विचार - Page 325

310 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

स्थानों पर भेदभाव किया जाता है। मैंने अपनी अम्बाला छावनी, लुधियाना, बटाला, लाहौर, अमृतसर और जंडियाला यात्रा में अनुभव किया कि अस्पृश्यों की कठिनाइयों के निवारण में कितनी उपेक्षाएं की जाती हैं। दिल्ली में और उसके आसपास दलितोंद्धार सभा, जिसका मैं प्रेसीडेंट हूं, कांगे्रस की अपेक्षा अधिक प्रशंसनीय कार्य कर रही है। मैं समझता हूं कि बारदौली योजना की मद संख्या (4) में जब तक रचनात्मक और यथोचित संशोधन नहीं किया जाएगा, तब तक कांगे्रस का कार्यक्रम जिसे मैं महत्वपूर्ण समझता हूं, सफल नहीं होगा।

कृपया निम्नलिखित संकल्प कांगे्रस अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत करें और यदि वह अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की अपनी बैठक में उसे प्रस्तुत करने की अनुमति दें, तो मैं उसे वहां पेश करूंगा। बारदौली योजना की मद संख्या (4) के अन्तर्गत टिप्पणी के स्थान पर निम्नलिखित टिप्पणी प्रतिस्थापित की जाएःµ

फ्दलित वर्ग की निम्नलिखित मांगे तुरंत मानी जाएंः (अ) अन्य वर्गों के समान वे भी एक ही मंच पर साथ-साथ बैठें_ (ब) उन्हें सामान्य कुओं से पानी भरने का अधिकार मिलना चाहिए_ और (स) उनके बच्चों को राष्ट्रीय स्कूलों और कालेजों में सामान्य रूप से भरती किया जाए और उच्च जातियों के बच्चों के साथ बिठाया जाए।य्

मैं अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के समक्ष इस टिप्पणी के महत्व को रखना चाहता हूं। मैं उन मामलों को जानता हूं, जहां दलित वर्ग के लोग उच्च जाति के हिंदुओं के मनमाने अत्याचारों के विरोध में खुली क्रांति के लिए उठ खड़े हुए हैं और जब तक उनकी उपरोक्त मांगें नहीं मानी जातीं, वे नौकरशाही के सामने झुकते रहेंगे।

लखनऊ में अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी की 7 जून की बैठक में मेरे प्रस्ताव के पास हो जाने के बाद मैंने श्री पटेल से बारदौली कार्यक्रम की मद संख्या 4 के संशोधन के संबंध में अपना प्रस्तावित संशोधन रखने का अनुरोध किया। श्री पटेल ने मुझसे कहा कि कार्य समिति उस प्रस्ताव को उप-समिति को भेज देगी। वहां आप इस पर जोर दीजिएगा। मैं सहमत हो गया, परंतु मुझे कार्य समिति से अपने उस प्रस्ताव की प्रतिलिपि नहीं मिली, जिसमें अस्पृश्यता उप-समिति को मेरा प्रस्ताव भेजा गया था।

दिल्ली में और उसके आसपास अस्पृश्यता का प्रश्न बड़ी नाजुक स्थिति में है और मैं उसे तुरंत काबू में करना चाहता हूं। परंतु उप-समिति स्वतंत्रता से कार्य नहीं करती, क्योंकि कार्य समिति के सामने देश की ओर बहुत सी राजनीतिक परिस्थितियां विचारार्थ हैं और कांगे्रस की ओर से अस्पृश्यता निवारण का कार्य करने के लिए सारी