परिशिष्ट
343
छुड़ाना उसके लिए असंभव है और वह यह भी नहीं कर सकती कि भारत के भावी संविधान के स्वरूप में कोई रुचि न ले। सबसे बड़ी बात यह है कि भारत की सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों का गवर्नर जनरल से जो विचार विमर्श चल रहा है, निस्संदेह उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ब्रिटिश सरकार को भारत से अपना प्रभुत्व हटा लेना चाहिए। यह भारतीय जनता के एक बड़े भाग को स्वीकार्य नहीं होगा।
× × ×
(9)
भारत में वायसराय और गवर्नर जनरल, लार्ड लिनलिथगो द्वारा ओरिएंट क्लब, बम्बई में 10 जनवरी, 1940 को दिए गए भाषण से अंश
किसी भी संवैधानिक योजना के निर्धारण में भारत की एकता को बनाए रखने के विचार से हम भारतीय देशी रियासतों को नहीं भूल सकते। यहां के अल्प संख्यकों के दावों पर भी जोर दिया जा रहा है।
इन अल्पसंख्यकों में से केवल दो का ही नाम लेना पसंद करता हूँ - वे हैं बड़े अल्पसंख्यक मुसलमान और अनुसूचित जातियां, इन अल्पसंख्यकों को पहले भी गारंटियां दी गई हैं और स्थिति यह है कि उनके हितों की सुरक्षा की जाए और आगे भी उस गारंटी का आदर किया जाना चाहिए।
× × ×
(10)
श्री एल.एस. एमरी, भारत सचिव द्वारा हाउस आफ कामंस में 14 अगस्त, 1940 को दिए गए भाषण से अंश
कांगे्रस नेताओं ने ब्रिटिश भारत में उच्चकोटि की संस्था बनाई है, जिसमें भारत के राजनीतिक तंत्र का संचालन करने के लिए काफी क्षमता है। असल में भारत के राष्ट्रीय जीवन में वह सभी मुख्य तत्वों की ओर से बोलने का दावा करती हैं हालांकि उन्होंने अलग से मांगें रखी हैं, इससे हमारी समस्याएं बहुत बढ़ गई हैं। यह सही है कि संख्या बल से वह भारत की सबसे बड़ी अकेली पार्टी है, परंतु भारत के मिले-जुले समाज में महत्वपूर्ण वर्गों ने उसके दावों का खंडन किया है कि केवल गिनती को ही आधार न माना जाए, वरन् भावी भारतीय राजनीति में उन्हें पृथक संवैधानिक तत्व समझ कर विचार किया जाए। उन प्रमुख वर्गों में मुस्लिम समुदाय सबसे बड़ा समुदाय है। उनका कहना है कि भौगोलिक से बना निर्वाचन-क्षेत्रों में बहुमत से निर्वाचन का