क्रिप्स प्रस्ताव - Page 363

348 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

परिशिष्ट - आठ

क्रिप्स प्रस्ताव

भारतीय नेताओं से वार्तालाप के लिए घोषणा का प्रारूप

भारत के दौरे पर आए सर स्टैफर्ड क्रिप्स द्वारा भारतीय नेताओं से वार्तालाप के आधार पर ब्रिटेन सरकार के युद्धकालीन मंत्रिमंडल ने इस प्रश्न पर जो निष्कर्ष निकाला है, उनके सुझावों को स्वीकार किया जाए या नहीं यह उनके उसी वार्तालाप पर आधारित होगा।

ब्रिटिश सरकार द्वारा इस देश के लोगों और भारतीयों की भावनाओं पर विचार करने के उपरांत तथा भावी भारत के संबंध में किए गए वादों को पूरा करने के लिए बहुत ही स्पष्ट और ठोस आधार पर ऐसे कदम उठाए जाएं, जिनसे भारत में स्वायत्त शासन की स्थापना यथाशीघ्र की जा सके। हमारा उद्देश्य ऐसे नवीन संघीय भारत की स्थापना करना है जिसका युनाइटेड किंगडम से स्वतंत्र उपनिवेश का संबंध रहेगा और अन्य अधिराज्यों के समान सम्राट के प्रति उनकी सभी अर्थों में समान रूप से राजभक्ति बनी रहेगी और अपने आंतरिक तथा विदेशी मामलों में किसी भी प्रकार के हमारे आधिपत्य में नहीं रहेंगे।

इसलिए ब्रिटिश सरकार निम्नलिखित प्रकार की घोषणा करती हैःµ

(अ) विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद शीघ्र ही भारतवर्ष के लिए नए संविधान

का निर्माण करने के लिए एक निर्वाचित संस्था का गठन किया जाएगा।

(ब) जैसा कि नीचे उद्धत किया गया है, इस व्यवस्था में भारतीय राज्यों

को भी संविधान निर्मात्री संस्था में शामिल किया जाएगा।

(स) ब्रिटिश सरकार वायदा करती है कि वह संविधान को स्वीकार

करेगी और वह निम्नांकित शर्तों के आधार पर बनाया जाएःµ

(1) ब्रिटिश भारत का कोई प्रांत जो नए संविधान को स्वीकार करने के

लिए तैयार न होकर, अपनी मौजूदा संवैधानिक स्थिति कायम रखना चाहे, तो

उसमें उसके निर्णयानुसार बाद में विलय की व्यवस्था होनी चाहिए। अपना

संघ में विलय न करने वाले ऐसे प्रांतों के विषय में ब्रिटिश सरकार द्वारा नए

संविधान में भारतीय संघ से अन्य प्रांतों को समान दर्जा दिया जाए।

(2) ब्रिटिश सरकार और संविधान निर्मात्री संस्था के मध्य समझौते के