22 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
समाजोत्थान का रचनात्मक कार्यक्रम कांग्रेस की महत्वपूर्ण विशेषता थी। फरवरी 1922 में बारदोली में कांग्रेस कार्य समिति ने इसकी रूपरेखा तैयार की। इसे फ्बारदोली कार्यक्रमय् के नाम से भी जाना जाता था। प्रस्ताव में तैयार किया गया कार्यक्रम का ब्यौरा इस प्रकार था µ
फ्कार्य समिति समस्त कांग्रेस संगठनों को सलाह देती है कि वे निम्नलिखित
कार्यकलापों को क्रियान्वित करने में लग जाएं µ
कांग्रेस के कम से कम एक करोड़ सदस्य बनाए जाएं।
चरखे को लोकप्रिय बनाएं तथा खादी का जनसाधारण में प्रचार कर
उसे बढ़ावा दिया जाए।
राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना की जाए।
दलित वर्गों को बेहतर जीवनयापन करने के लिए संगठित करना,
उनकी सामाजिक, मानसिक एवं नैतिक उन्नति करना, उन्हें अपने बच्चों को
राष्ट्रीय स्कूलों में भेजने के लिए प्रेरित करना और उन्हें वे सभी सुविधाएं
उपलब्ध कराई जाएं जो अन्य नागरिकों को उपलब्ध हैं।
- जिन वर्गों में शराब पीने की लत है उनसे संयम से काम लिया जाए।
उनके घरों पर जाकर धरना (पिकेटिंग) देने के बजाए उनसे शराब न पीने
की अपील की जाए।
- आपसी झगड़ों को निपटाने के लिए गांवों तथा शहरों में पंचायतें
स्थापित की जाएं, जिनमें जनमत सर्वोपरि हो और पंचायत के फैसलों
में निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा हो, ताकि उनका पालन सुनिश्चित किया जा
सके।
- सभी वर्गों और जातियों के बीच एकता और आपसी सद्भाव लाने
पर जोर दिया जाए जिसका उद्देश्य असहयोग आंदोलन को बल देना है। इस
प्रकार के समाज सेवा विभाग की स्थापना की जाए जो बीमारी व दुर्घटना
की स्थिति में बिना किसी भेदभाव के सबको सहायता दे।
- फ्तिलक मेमोरियल स्वराज फंडय् में धन एकत्र करना जारी रखा जाए
तथा सभी कांग्रेसियों तथा कांग्रेस से सहानुभूति रखने वालों से कहा जाए कि
वर्ष 1921 की वार्षिक आय का कम से कम एक सौवां भाग कांग्रेस को