2. तुच्छ प्रदर्शन - Page 38

तुच्छ प्रदर्शन

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दें। प्रत्येक प्रांत तिलक मेमोरियल स्वराज फंड में जमा धन का 25 प्रतिशत

धन प्रतिमाह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेज दे।य्

20 फरवरी, 1922 को दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस की बैठक में इस प्रस्ताव को पुष्टि के लिए लाया गया और उसकी पुष्टि हो गई। मुझे इस बात से कोई लेना देना नहीं है कि रचनात्मक कार्य के इस कार्यक्रम की विभिन्न मदों का क्या हुआ। मेरा संबंध तो केवल डिप्रेस्ड क्लासेस से संबंधित मद से है और मैं इस कार्यक्रम के सभी भाग पर विचार करना चाहूंगा।

मैं बारदोली प्रस्ताव के अस्पृश्यों से संबंधित भाग की चरणबद्ध कथा-व्यथा सुनाऊंगा। कथा का आरंभ इस प्रकार है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा बारदोली प्रस्ताव की पुष्टि किए जाने के बाद कार्यवाही के लिए इसे कार्यसमिति के पास भेज दिया गया। कांग्रेस कार्यसमिति ने लखनऊ में जून 1922 को आयोजित बैठक में इस विषय को विचारार्थ लिया। समिति ने बारदोली प्रस्ताव के अछूतों के उद्धार से संबंधित उस भाग पर निम्नलिखित प्रस्ताव पास किया -

फ्यह समिति देशभर के तथाकथित अस्पृश्यों की दशा सुधारने की दिशा में

व्यावहारिक उपायों को साकार रूप देने की योजना बनाने हेतु एतद्द्वारा एक

उपसमिति का गठन करती है। स्वामी श्रद्धानंद जी, श्रीमती सरोजिनी नायडू,

श्री आई.के. याज्ञनिक तथा श्री जी.बी. देशपांडे उस उपसमिति के सदस्य

होंगे और समिति की आगामी बैठक के समक्ष उन उपायों को विचारार्थ

प्रस्तुत करेंगे। इस योजना के लिए फिलहाल दो लाख रुपए की राशि जुटाई

जाएगी।य्

कार्यसमिति का यह प्रस्ताव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की जून 1922 में लखनऊ में आयोजित बैठक में प्रस्तुत किया गया। कार्यसमिति के इस प्रस्ताव को एक संशोधन के बाद स्वीकार कर लिया गया जिसमें कहा गया था कि फ्फिलहाल इस योजना के लिए पांच लाख रुपए की धनराशि जुटाई जाएय् बजाए दो लाख के, जैसा कि कार्यसमिति के प्रस्ताव में कहा गया है।

ऐसा प्रतीत होता है कि कार्यसमिति द्वारा उस समिति का गठन करने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृत किए जाने से पहले एक सदस्य स्वामी श्रद्धानंद ने समिति की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया था। जिस बैठक में कार्यसमिति ने उप-समिति का गठन करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया था उसी बैठक में उसी विषय पर एक अन्य प्रस्ताव पारित किया गया जो इस प्रकार है µ