360 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है। भारतीय आपस में समझौता कर सहयोग करने के लिए तैयार हो जाते हैं तो मैं नहीं समझता कि संविधान बनाने की प्राथमिक कार्यवाही क्यों न आरंभ कर दी जाए। संविधान बनाने के सिद्धांत पर यदि उन नेताओं में सर्वमान्य समझौता हो जाता है, तो युद्ध समाप्त होने के बाद अनावश्यक रूप से समय बर्बाद करने की आवश्यकता नहीं है। इस दिशा में प्राथमिक उत्तरदायित्व भारतीय नेताओं का ही है।
आपका विश्वासपात्र
(ह.) वेवलय्