अनुसूचित जातियों की राजनैतिक मांगें - Page 377

362 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

संकल्प संख्या - 2

विषयःµ अनुसूचित जातियां एवं संविधान के संबंध में ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई घोषणा।

भारतीय परिगणित जाति संघ की कार्य समिति हाल ही में ब्रिटिश सरकार द्वारा की गई घोषणा का स्वागत करती है, जिसमें कहा गया है कि ब्रिटिश सरकार अन्य किन्हीं दलों के साथ-साथ अनुसूचित जातियों को भी स्वतंत्र भारत के संविधान में भागीदार होने के लिए अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण दल मानती है और भारतीयों को सत्ता हस्तांतरण करने के लिए पूर्व आवश्यक शर्त मानती है। इसके साथ-साथ कार्य समिति का ध्यान कांगे्रस तथा देश की अन्य राजनीतिक संस्थाओं के उस रवैये की ओर दिलाना चाहती है, जो ब्रिटिश सरकार की इस घोषणा को यथार्थ और विश्वसनीय घोषणा नहीं मानते और जब तक बहुसंख्यक समुदाय इसे बहाना मानते हैं, सत्ता हस्तांतरण को स्थगित रखने का यह बहुसंख्यकों की अनुसूचित जातियों से समझौते की अनिच्छा ऐसे आरोपों को निराधार मानती है और ब्रिटिश सरकार से अनुरोध करती है कि ब्रिटिश सरकार इस प्रकार के संदेह की कोई गुंजाइश नहीं छोड़े तथा स्पष्ट करे कि वह हर हालत में अपनी घोषणा पर अटल रहेगी।

संकल्प संख्या - 3

विषयः संवैधानिक संरक्षणं

कार्य समिति घोषणा करती है कि जब तक निम्नलिखित बातें पूर्ण नहीं की जाती, तब तक भारत के लिए कोई भी संविधान अनुसूचित जातियों को स्वीकार्य नहीं होगाः

(अ) इसमें अनुसूचित जातियों की सहमति हो।

(ब) इससे अनुसूचित जातियों के बिल्कुल पृथक अस्तित्व की मान्यता

स्वीकार की जाए।

(स) इसमें निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रावधान लिए जाएं

(1) अनुसूचित जातियों की माध्यमिक, विश्वविद्यालय तथा उच्च स्तर

की शिक्षा के लिए प्रांतीय एवं केंद्रीय सरकारों के बजट में धनराशियां

निश्चित की जाएं।