394 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कांगे्रस पार्टी के नेता और सेंट्रल असेम्बली के मुस्लिम लीग के डिप्टी लीडर, काउंसिल ऑफ स्टेट में कांगे्रस पार्टी के नेता और मुस्लिम लीग के नेता, नेशलिस्ट पार्टी के नेता और असेम्बली में यूरोपीयन ग्रुप के नेतागण।
श्री गांधी और श्री जिन्ना जो मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के नेता हैं।
राय बहादुर एन. शिवराज अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि के रूप में और सिक्खों के प्रतिनिधि के रूप में मास्टर तारा सिंह।
इन महानुभावों को आज निमंत्रण पत्र दिये जा रहे हैं और यह प्रस्तावित किया जाता है कि 25 जून को शिमला में, जो दिल्ली की अपेक्षा अधिक ठंडा स्थान है, वहां एक सभा के लिए एकत्र हों।
मुझे विश्वास है कि सभी निमंत्रित महानुभाव सभा में भाग लेकर मेरी सहायता करेंगे। भारत के भावी समझौते की ओर प्रगति के इस प्रयत्न के लिए मेरा तथा उन सभी नेताओं का महान उत्तरदायित्व है।
यदि सभा सफल हो जाती है, तो मुझे आशा है कि केन्द्र में हम नई एक्जीक्यूटिव काउंसिल का निर्माण करने के लिए सहमत हो सकेंगे। मैं यह भी आशा करता हूं कि इससे मंत्रालयों को प्रथम कार्य करना संभव हो सकेगा और प्रांतों में संवैधानिक अधिनियम की धारा 93 के अंतर्गत मिली-जुली सरकारें बनाना संभव हो सकेगा।
यदि दुर्भाग्यवश बैठक असफल हो जाती है, तो हमें फिलहाल उस समय तक अपना कार्य करते रहना है, जब तक कि सभी दलों के लोग पास-पास नहीं आ जाते। वर्तमान एक्जीक्यूटिव काउंसिल, जिसने भारत के लिए ऐसा मूल्यवान कार्य किया है कि यदि अन्य व्यवस्थाओं पर सहमति नहीं हो पाती, तो यही काउंसिल अपना कार्य करती रहेगी।
परन्तु हमें पूरी आशा है कि यदि सभी दलीय नेतागण आपस में तथा मेरे साथ ईमानदारी से समस्याओं का हल निकालने का प्रयत्न करेंगे तो सभा में हमें सफलता अवश्य मिलेगी। मैं उन्हें विश्वास दिला सकता हूं कि इस प्रस्ताव के पीछे सभी ब्रिटिश नागरिकों तथा यूनाइटेड किंगडम के नेताओं की भारत को उसके लक्ष्य प्राप्ति में सहायता करने की सद्च्छा छिपी हुई है। मुझे विश्वास है कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए यह कदम नहीं, वरन् सही पथ पर एक बड़ी छलांग है।
मुझे यह स्पष्ट कर देना है कि यह प्रस्ताव केवल ब्रिटिश इंडिया को प्रभावित करेंगे और उनसे ब्रिटिश सरकार के प्रतिनिधित्व के संबंधों में कोई परिवर्तन नहीं होगा।