तुच्छ प्रदर्शन
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यह पता नहीं है कि पाने वालों के पास रखी गई इतनी बड़ी धनराशि का क्या कोई लेखाजोखा रखा गया था अथवा जिन्होंने इतना अधिक धन प्राप्त किया उन्होंने वह धन अनजान या बेनामी प्राप्तकर्ता को दे दिया। यदि इन प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर मिल भी जाए तो भी इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जिस तरह धन की बरबादी और अपव्यय हुआ उसका पता लगाना बहुत कठिन है। यह बड़े दुःख की बात है कि इसमें जनता के धन की कांग्रेस के लुटेरे नेताओं ने मनमाने ढंग से बिना किसी चिंता के जो विवेकहीन लूट मचाई वह केवल अपने-अपने निर्वाचन-क्षेत्रों में अपनी-अपनी साख बनाने के लिए की गई थी।
कांग्रेसियों द्वारा शेष एक करोड़ तीस लाख रुपए की राशि की सुनियोजित और सुसंगठित ढंग से की गई लूट की कहानी का पीछा करना आवश्यक है। यह धनराशि उस लूट के बाद के वर्षों में खर्च होती रही। इतना ही कहना पर्याप्त होगा कि जनता के धन की इस प्रकार की मनमानी और सुनियोजित लूट पहले कभी नहीं हुई थी। ध्यान देने योग्य बात यह है कि उन अनुदानों की सूची से यह ज्ञात नहीं होता है कि उसमें अस्पृश्योत्थान कहीं दिखाई पड़ता हो तो स्वराज फंड से अग्रिम धनराशि निकालने का एक सार्थक उद्देश्य है। कांग्रेस से आशा की जाती थी कि वह स्वराज फंड से अस्पृश्योत्थान पर प्राथमिकता के तौर पर धन खर्च करेगी। जबकि हजारों रुपए उन तमाम वकीलों के भरण-पोषण पर बिना जांच-पड़ताल किए खर्च किए गए, जिनके बारे में बताया जाता है कि उन्होंने राष्ट्र-हित में अपनी वकालत छोड़ी थी। बिना कोई जांच किए उन ताड़ी निकालने वालों पर हजारों रुपए खर्च किए गए जिन्होंने अपना पेशा छोड़ दिया था और जनता के धन पर अपना जीवन निर्वाह कर रहे थे तथा अन्य इसी प्रकार की वाहियात योजनाएं चलाई जा रही थीं जो स्वयं में बेईमानी की निशानी थीं। लेकिन कांग्रेस ने यह प्रस्ताव तो किया कि अस्पृश्योत्थान के लिए अलग फंड बनाया जाए परन्तु इस दिशा में कुछ किया नहीं। उस अलग फंड का क्या परिणाम निकला? अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इस मद के लिए पांच लाख रुपए निर्धारित किए। वर्विंQग कमेटी ने यह महसूस किया कि अस्पृश्योत्थान जैसे महत्वहीन तथा अलाभप्रद कार्य के लिए यह धनराशि बहुत अधिक है और उसमें कटौती कर उसे दो लाख रुपए कर दिया। छह करोड़ अस्पृश्यों के लिए दो लाख रुपए!!
अस्पृश्योत्थान के लिए कांग्रेस ने इतनी अधिक धनराशि निर्धारित की। उस धनराशि में से इस कार्य पर वास्तव में कितना व्यय किया गया? यह निम्नलिखित तालिका से स्पष्ट है_