2. तुच्छ प्रदर्शन - Page 55

40 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

तालिका-5

प्रयोजन स्वीकृत धनराशि (रुपए) रामुन्द्री डीप्रेस्ड क्लास मिशन 1,000 अन्त्यज कार्यालय अहमदाबाद 5,000 अन्त्यज कार्यालय अहमदाबाद 17,381 आंध्र में डीप्रेस्ड क्लासेस वर्क्स 7,000 नेशनल सोशल कांफ्रेंस फॉर डीप्रेस्ड क्लासेस वर्क्स 3,000 तमिल जिला प्रांतीय कांग्रेस कमेटी फॉर डीप्रेस्ड क्लासेस वर्क्स 10,000

योग 43,381 रुपए

संक्षेप में कांग्रेस को रचनात्मक बारदोली कार्यक्रम जिसमें अस्पृश्योत्थान को इतना अधिक महत्व प्राप्त हुआ, पर व्यय करने के लिए 49.5 लाख रुपए में से केवल 43,381 रुपए ही मिल पाए। क्या छलकपट का इससे बढ़कर भी और कोई उदाहरण हो सकता है? कांग्रेस ने अस्पृश्योत्थान का जो ढिंढोरा पीटा था वह अस्पृश्य प्रेम कहां गया? कांग्रेस की उस अस्पृश्योत्थान की इच्छा का क्या हुआ? क्या यह कहना गलत होगा कि बारदोली प्रस्ताव अस्पृश्यों के साथ बिल्कुल धोखा था?

कोई भी यह प्रश्न उठा सकता है। कांग्रेस शिविर में अस्पृश्यों के प्रति जब यह सब घटित हो रहा था उस समय श्री गांधी कहां थे? यह प्रश्न बहुत ही प्रासंगिक है, क्योंकि वह श्री गांधी ही थे जिन्होंने कांग्रेस में पदार्पण करते ही स्वराज प्राप्ति तथा अस्पृश्यता उन्मूलन के बीच गहन संबंध पर जोर दिया था। श्री गांधी ने अपने 3 नवंबर, 1921 के ‘यंग इंडिया’ में लिखा था µ

फ्अस्पृश्यता को कांग्रेस के कार्यक्रमों में दूसरे स्तर का स्थान नहीं दिया जा

सकता। उस कलंक को मिटाए बिना स्वराज शब्द का कोई अर्थ नहीं है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चाहिए कि उस कलंक को मिटाने के लिए सामाजिक

बहिष्कार तथा जनता के इस अभिशाप को अपने कार्यक्रम में शामिल करें।

मैं स्वराज प्राप्ति की प्रक्रिया में अस्पृश्यता निवारण को अत्यंत शक्तिशाली

घटक मानता हूं।य्

इस तरह गांधी अस्पृश्यों को प्रेरित कर रहे थे कि वे स्वराज के विरुद्ध अंग्रेजों से हाथ न मिलाएं और इसके विपरीत वे स्वराज प्राप्ति के लिए हिंदुओं के साथ कंधे