3. तुच्छ चालें - Page 79

64 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

फ्चेयरमैन - मुख्य बात यह है कि इस समिति का विचारणीय विषय

केवल अल्पसंख्यक समस्या तक ही समित है।

चेयरमैन सर अली ईमाम µ इसी दृष्टि से मैं अपने विचार व्यक्त करता

हूं।

चेयरमैन µ यदि इसमें अन्य किसी को कोई आपत्ति न हो तो, मैं सर

अली इमाम को अनुमति देता हूं।

महामहिम आगा खां ने निम्नलिखित बात कही µ

फ्मुझे विश्वास है कि आज रात को महात्मा गांधी मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल

से मिलने जा रहे हैं। हमें आशा है कि अपने उस मित्र से आज मित्रतापूर्ण

वातावरण से बात होगी। जहां तक किसी समझौता वार्ता का संबंध है, मैं

इस बार में यही कह सकता हूं।य्

पंडित मदन मोहन मालवीय ने भी राय दी कि थोड़े समय के लिए स्थगन लाभप्रद होगा। मैंने समझ लिया कि कोई चालबाजी होगी, तो मैंने कहा µ

फ्स्थगन के पहले मैं एक बात यहां कहना चाहूंगा। ऐसे समय में जबकि

समझौता वार्ता चल रही हो, दूसरे अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों को भी अपना

मामला तैयार करना चाहिए। मैं कहता चाहूंगा कि जहां तक दलित वर्गों की

समस्या का संबंध है, हमने पहले इस अल्पसंख्यक उप-समिति को अपना

मत प्रकट कर दिया है।

फ्मुझे जो कहना है, वह यह है कि मुझे समिति के सामने एक संक्षिप्त

वक्तव्य देना है जिसमें मुझे यह बताना है कि हमें विभिन्न विधानमंडलों में

कितना-कितना प्रतिनिधित्व चाहिए। ख्1, उसके अतिरिक्त मैं कुछ नहीं सोचता।

मैं शुरू में ही कह देना चाहता हूं कि मुझे यह सुनकर प्रसन्नता हुई कि

सांप्रदायिक मुद्दे पर समझौता वार्ता होने जा रही है। परंतु आरंभ में ही मैं

अपनी स्थिति स्पष्ट कर देना चाहूंगा। हम नहीं चाहते कि कोई संदेह बाकी

रहे कि जो लोग समझौता वार्ता चला रहे हैं, उन्हें जानना बाकी रहे कि

समिति में समझौता करने वाले वे सर्वशक्तिमान नहीं हैं। श्री गांधी अथवा

उनसे समझौता करने वाले, जो भी पक्ष हों और जो भी स्थिति हो निस्संदेह

उनका समझौता मानने के लिए हम बाध्य नहीं हैं। मैं स्पष्ट रूप से इस

बैठक में बताए देता हूं।य्

  1. यह मैंने परिशिष्ट II में सम्मिलित ज्ञापन में कहा है।