72 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
मैं इसे और आगे नहीं पढ़ना चाहता। परंतु यह कह सकता हूं कि मैं समझता हूं कि श्री गांधी अस्पृश्यों के बीच में अपनी स्थिति का जायजा लेना चाहेंगे, तो उन्हें सच्चाई का पता चल जाएगा। यद्यपि कांग्रेस में ऐसे भी लोग होंगे, जो दलित वर्गों के प्रति सहानुभूति दिखलाते होंगे, परंतु दलित वर्ग के लोग कांग्रेस में नहीं हैं। यह ऐसी स्थिति है, जिसका मैं प्रमाण देना चाहता हूं। मैं इन विवादित बिंदुओं पर नहीं जाना चाहता। ये मुख्य प्रस्तावना से कुछ अलग प्रतीत होते हैं। गांधी जी ने जो मुख्य बात रखी वह यह थी कि यह समिति अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी जाए। इस प्रस्ताव के संबंध में मैं पूर्णतः सर मोहम्मद शफी के विचारों से सहमत हूं। इसके लिए केवल दो विकल्प हैं - या तो अल्पसंख्यक कमेटी कोई संतोषजनक हल खोजे और यदि यह संभव न हो, तो ब्रिटिश सरकार इस समस्या का समाधान स्वयं करे। हम ऐसे किसी तीसरे दल के पंच-निर्णय पर इसे छोड़ देने के लिए सहमत नहीं हो सकते, जिसका ब्रिटिश सरकार जैसा जिम्मेदाराना भाव न हो।
प्रधानमंत्री, मुझे एक बात स्पष्ट करने की अनुमति दें कि दलित वर्गों ने ब्रिटिश सरकार से भारतीयों को तुरंत सत्ता हस्तांतरित करने के लिए अभी कोई उत्तेजना नहीं दिखाई, न वे इसके लिए आतुर हैं। ब्रिटिश सरकार के खिलाफ उनकी कुछ विशेष शिकायतें हैं और मैं समझता हूं कि मैंने उन शिकायतों को बहुत सही और स्पष्ट ढंग से पेश किया है। वास्तव में सच तो यह है कि दलित वर्ग के लोग राजनीतिक शक्ति के हस्तांतरण के लिए व्याकुल नहीं हैं। स्पष्टतः उनकी स्थिति इस प्रकार की है कि वे सत्ता हस्तांतरण के लिए आतुर नहीं हैं, परंतु यदि इस समय राजनीतिक सत्ता का हस्तांतरण करने के लिए जो होहल्ला मचा हुआ है, ब्रिटिश सरकार उसका सामना करने में अपने को बेबस पाती है। हम यह जानते हैं कि दलित वर्ग के लोग वर्तमान परिस्थितियों में इसका प्रतिरोध करने की स्थिति में नहीं हैं। तब हमारा निवेदन यह है कि सत्ता हस्तांतरण कुछ शर्तों के साथ ऐसी व्यवस्था में हो कि किसी गिरोह के हाथ में सारी शक्ति न चली जाए किसी अल्पतंत्र के हाथ में न चली जाए अथवा कुछ लोगों के गिरोह की मुट्टòी में न दब जाए, चाहे वे मुसलमान हों, या हिंदू। वरन वह हल ऐसा हो कि अपने-अपने समुदाय के अनुपात में सत्ता में सबको हिस्सा मिले। इस विचार से मुझे ऐसा नहीं लगता कि संघीय ढांचा समिति में मैं उस समय तक कैसे