तुच्छ चालें
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मुस्लिम प्रस्ताव श्री गांधी का प्रस्ताव
- पंजाब और बंगाल में मुसलमानों 1. यह कि मतदान का अधिकार पूर्ण
की संख्या 1 प्रतिशत अधिक है। परंतु यह प्रश्न मुसलमानों पर छोड़ दिया जाए कि नया संविधान लागू होने से पहले सदन में सदस्य संख्या का 51 प्रतिशत संरक्षण मुसलमानों को संयुक्त मतदान के द्वारा दिया जाए या नहीं।
- दूसरे प्रांतों में जहां पर मुसलमान
वयस्क मताधिकार के आधार पर होना चाहिए।
- वहां पर सिख और हिंदू अल्पसंख्यकों
अल्पमत में हैं वर्तमान अनुपात जारी के अतिरिक्त किसी को संरक्षण नहीं होगा। रहे, परन्तु सीटें संयुक्त मतदान के
अधीन सुरक्षित रहें अथवा पृथक-पृथक
मतदान के, इस पर मुस्ल्मि मतदाता
संविधान के अंतर्गत जनमतसंग्रह
द्वारा निर्णय करें और उनका निर्णय
स्वीकार किया जाए।
यह कि केंद्रीय व्यवस्थापिका के 3. कांग्रेस मांग करती है कि - दोनों सदनों में अंग्रेजी राज के ( I ) पूर्ण स्वतंत्रता, ( II ) सेना प्रतिनिधियों की कुल संख्या का पर तुरंत एवं पूर्ण नियंत्रण, ( III ) 26 प्रतिशत मुसलमान प्रतिनिधियों विदेशी मामलों पर पूर्ण नियंत्रण, का होना चाहिए और 7 प्रतिशत ( IV ) वित्त पर पूर्ण नियंत्रण, कम से कम होना चाहिए जो ( V ) किसी स्वतंत्र अधिकार भारतीय राज्यों को आवंटित किया द्वारा सार्वजनिक ऋणों (डैट्स) जाए अर्थात् पूरे सदन का एक और दायित्यों की जांच करना, तिहाई प्रतिनिधित्व मुसलमानों को ( VI ) हिस्सेदारी के विषय में दोनों मिलना चाहिए। पक्षों को निरस्ति का अधिकार।
यह कि अवशिष्ट अधिकार
अंग्रेजी राज की प्रांतीय सरकारों
में अंतर्निहित होने चाहिएं।