2 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
वे जनगणना में अपने को अछूत न लिखवाएंगे व केवल हिन्दू बताएंगे। नतीजा साफ था। अछूतों की जनसंख्या घट गई और हिंदुओं की बढ़ गई। जनगणना की इस कारीगरी ने क्या तथा कहां तक गुल खिलाए यह कहना उचित है। परन्तु निस्संदेह इसका बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है। जनगणना में सर्वत्र कारीगरी की गई। परंतु इस कारीगरी की गाज सबसे ज्यादा अछूतों पर गिरी है। इन हालात में ब्रिटिश भारत की जनगणना में अछूतों की जो कुल जनसंख्या दिखाई गई है वह स्वीकार्य नही है। परंतु यह कहना गलत न होगा कि ब्रिटिश भारत में अछूतों की मौजूदा संख्या लगभग 6 करोड़ होगी।