7. सरकारी सेवाएं - Page 37

20 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

अछूतों को तो शिक्षा प्राप्ति के अवसर ही नहीं दिए जाते। उनकी निर्धनता ऊंचे पदों के लिए उच्च शिक्षा दिलाने में सबसे बड़ी बाधा है .... और उच्च सरकारी पद हैं, जिनका कोई मतलब होता है, क्योंकि उनका ही कारगर महत्व होता है.... ये उनकी पहुंच से दूर हैं। सरकार उनकी उच्च शिक्षा दिलाने का दायित्व नहीं लेगी। उन्होंने अपने प्रस्ताव में यह मांग की है.... और हिंदू अपना दान सहयोग अछूतों को नहीं देंगे.... हिंदू दानशीलता पूर्वतः सांप्रदायिक है..... इस तरह नौकरियों के लिए अछूतों द्वारा कही गई बात किसी भी प्रकार अनुचित नहीं है। वे मानते हैं कि कार्य-कुशलता बनाए रखना जरूरी है। इसी कारण अपने प्रस्ताव में उन्होंने स्वयं ही कहा है कि न्यूनतम योग्यता की शर्त पूरी होने पर ही उनकी मांग स्वीकार की जाए। दूसरे शब्दों में अछूतों की मांग यही है कि सभी सरकारी नौकरियों के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित की जाए और यदि किसी पद के लिए दो व्यक्ति आवदेन करें तो और अछूत उम्मीदवार न्यूनतम योग्यता रखता है तो चाहे हिंदु उम्मीदवार को न्यूनतम योग्यता से बढ़ कर योग्यता भी प्राप्त क्यों न हो, अछूत उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाए। इसका वास्तविक अर्थ यही है कि नियुक्ति का आधार न्यूनतम योग्यता ही हो, उच्चतम योग्यता नहीं। यह उन लोगों को विचित्र लग सकता है, जिन्हें इस बात पर कोई आपत्ति नहीं है कि कार्यकुशलता के मापदंड पर सरकारी सेवाओं में कुछ वर्गों का एकाधिकार हो जाए। पर क्या कैम्पवेल ने यह नहीं कहा कि अपनी सरकार अच्छी कही जाने वाली गैरों की सरकार से बेहतर होती है? अछूतों की मांग और क्या है? वे कार्यकुशल प्रशासन को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। इसलिए सरकारी सेवाओं के लिए वे न्यूनतम योग्यता की शर्त स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। अछूत अच्छी सरकार के मुकाबले अपनी सरकार का विचार त्याग देने के लिए तैयार नहीं है। उच्चतम योग्यता के आधार पर बनाई गई सरकार सांप्रदायिक सरकार होगी। इसलिए क्योंकि मात्र हिंदू ही न्यूनतम योग्यता की अपेक्षा उच्च शिक्षा का दावा पेश कर सकते हैं। अछूत ऐसा नहीं चाहते। उनका कहना यह है कि कार्यकुशल सरकार के लिए न्यूनतम योग्यता पर्याप्त है, क्योंकि इसी से अपनी सरकार संभव है। इसलिए सरकारी नौकरियों में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता का नियम चाहिए। इसी से स्व-सरकार और कार्यकुशलत सरकार सुनिश्चित हो सकती है।