40 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
भावना है। सच्चाई यह है कि अछूतों की चुप्पी और चुनौती न देने के कारण ही आम धारणा बन गई है कि कांग्रेस अछूतों सहित सबका प्रतिनिधित्व करती है। उपरोक्त स्पष्टीकरण से पता चलता है कि ऐसी परिस्थितियां बन गई हैं जिनसे यह धारणा बनी है कि कांग्रेस ही सबकी प्रतिनिधि है, यहां तक कि अछूतों की भी है।
इस धारणा की पुष्टि 1937 में चुनावों में नहीं हुई कि कांग्रेस सबका प्रतिनिधित्व करती है। उसकी पोल इन चुनावों में खुल गई। यह इस पुस्तक के पिछले भाग में वर्णन किया गया है। सामान्य रूप से और विशेष रूप से भी कांग्रेस के इस दावे पर कि वह अछूतों का प्रतिनिधित्व करती है, यदि विदेशी ध्यान देंगे, तो उन्हें यह पता चल जाएगा कि प्रोपेगंडा सच्चाई से कितना परे है। कांग्रेस की प्रतिनिधित्व के दावे की परीक्षा नहीं हुई थी, तो विदेशी कह सकते थे कि वे प्रचार से प्रभावित हैं, परंतु 1937 के चुनावों में कांग्रेस की परीक्षा हो गई। उससे चुनाव के जो परिणाम सामने आए उनको देखते हुए आशा की जानी चाहिए कि विदेशी अपनी यह धारणा बदल लेंगे कि कांग्रेस ही सबका प्रतिनिधित्व करती है, यहां तक कि अछूतों को भी और यह अहसास होगा कि भारत या समाज में कांग्रेस के अतिरिक्त अन्य पार्टियां भी हैं, उनको भी अपनी बात कहने का हक है।
II
विदेशियों का कांग्रेस को समर्थन देने का एक दूसरा कारण है। वह है कांग्रेस की और अन्य दलों की प्रदर्शनात्मक गतिविधियां। उनकी दृष्टि में कांग्रेस सविनय अवज्ञा आंदोलन करके विदेशी सरकार द्वारा बनाए कानून का उल्लंघन करके, करों का भुगतान रूकवा कर अदालतों में गिरफतारी देकर, सरकार में असहयोग करने का प्रचार करके, कार्यालयों का बहिष्कार करके तथा देश की आजादी के लिए आत्म-बलिदान एवं त्याग का प्रचार करके ब्रिटिश सरकार से लड़ने में जुटी है। दूसरी ओर, विदेशियों की निगाह में कांग्रेस के अतिरिक्त अन्य पार्टियों की इसमें कोई रूचि नहीं है। वे निष्क्रिय हैं और कांग्रेस स्वतंत्रता-संग्राम में भाग नहीं ले रही। इन सबसे विदेशी यह निष्कर्ष निकालते हैं कि कांग्रेस स्वतंत्रताप्रेमी के रूप में देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ रही है, जबकि अन्य दल उदासीन हैं, चाहे बाधक न भी हों। इसलिए स्वतंत्रता-प्रेमी होने के नाते वे कांग्रेस का समर्थन करते हैं, जो अन्य दलों की अपेक्षा स्वतंत्रता संग्राम में लगी है। यह बिल्कुल स्वाभाविक है। परंतु एक प्रश्न उत्पन्न होता है कांग्रेस के पक्ष में यह बात स्वतंत्रता संघर्ष भारत की जनता को स्वाधीनता दिलाएगा। यदि यह सम्मोहन या क्रांति है, तो मुझे खेद है कि अध्याय 7 में मेरा स्पष्टीकरण कि अछूत कांग्रेस के स्वतंत्रता संघर्ष में क्यों शामिल नहीं हुए, विदेशियों को वांछित