नवम् अध्याय विदेशियों के लिए दलील दास्ता का दर्द बर्दास्त नहीं - Page 92

परिशिष्ट 75

पराधीन देशो में विद्यमान है।, जिन्होंने ऐसी भ्रांति पाल रखी है, वे प्रो. डायसी को पढ़े तो अच्छा होगा। उन्होने इस विषय में कहा हैः

फ्कोई भी प्रभुतासंपन्न शासक विशेष रूप से सांसद द्वारा सत्ता का प्रयोग दो सीमाओं में बंधा है। एक बाह्य तथा दूसरी आंतरिक। ऐसे शासक की बाह्य सीमाओं के कारण यह संभावना होती है या निश्चित होता है कि उसकी प्रजा अथवा उसमें से बहुत सारे लोग उसके आदेशों की अवहेलना कर सकते हैं या प्रतिरोध कर सकते है।य्

फ्वह बाह्य सीमाएं निरंकुश शासकों की भी होती हैं। 18वीं सदी के मध्य में चाहे रोमन सम्राट रहे हों अथवा फ्रांसीसी सम्राट कानून की शक्ल में बहुत सख्त शासक थे। (जैसा कि आजकल रूस के जार सम्राट) प्रभुसत्ता संपन्न शासकों में कानून और कानून बनाने के सारे अधिकार निहित थे। उसका बनाया हुआ प्रत्येक कानून आवश्यक रूप से मानना पड़ता था और उसके राज्य में ऐसी कोई शक्ति नहीं होती थी, जो ऐसे कानूनों को रद्द कर सके, परंतु यह समझना भूल होगी कि वे सदा स्वेच्छा से कानून बनाते थे, चाहे वे कितने ही जितना स्वेच्छाचारी शासक रहे हों।

फ्शासक सम्राट चाहे जितना निरंकुश हो, अपनी प्रजा तथा प्रजा के कुछ भाग द्वारा उसके आदेश इसी बात पर निर्भर थे कि उन्हें मानने के लिए प्रजा कहां तक तैयार है और वह भी सीमाओं में होती थी। यह बात इतिहास की बदनाम घटनाओं में भी मौजूद है। प्राचीनकाल के सीजर्स में से किसी ने भी रोमन साम्राज्य की पूजा करने के मूल संस्थानों को नष्ट नही किया। सुलतान इस्लाम को नहीं समाप्त कर सका। लुई चौदहवें ने, जो सर्वशक्तिसंपन्न था, नान्ते के आदेश का खण्डन किया, परंतु उसे जान पड़ा कि प्रोटेस्टेंट की महत्ता को समाप्त करना असंभव है और इसी कारण से जेम्स द्वितीय रोमन कैथोलिक धर्म की स्थापना करने से रूक गया। निरंकुश शासक के उत्तराधिकारी को समाप्त कर सकती है, परंतु जैसा की सभी लोग जानते है, आजकल की दुनिया में ब्रिटिश संसद इनमें से कुछ नहीं करेगी। इन सभी विषयों पर जनता के प्रतिरोध की संभावना को देखते हुए कानून बनाना यद्यपि वैध था, तब भी संसद की शक्ति से परे है।

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सर्वोच्च शक्ति के प्रयोग की भी आन्तरिक सीमा होती है। यहां तक कि निरंकुश शासक भी अपने चरित्र और गुणों के अनुसार अपनी शक्ति का प्रयोग करता है, परंतु वह भी उन परिस्थितियों से सीमित होता है, जिनसे वह घिरा हुआ है। सुल्तान चाहते