19. भारतीय मजदूर संघ (संशोधन) विधेयक - Page 131

106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

था। मैं इस आलोचना को स्वीकार नहीं कर सकता और मैं यह कहता हूं कि यह पूर्णतया भ्रांतिपूर्ण तथा निराधार आलोचना है। सर्वप्रथम मैं यह स्वीकार नहीं करता कि इस विधेयक में ऐसे खंड हैं जो अस्पष्ट हैं अथवा ऐसे खंड हैं जो खोखले हैं जिससे कोई भी व्यक्ति यह नहीं समझ पाता कि विधेयक का उद्देश्य क्या है। भले ही एक क्षण के लिए मान लिया जाए कि कुछ अस्पष्ट हैं और अन्य कुछ में विषय-सामग्री के सम्मिलित करने की आवश्यकता है, तो भी मैं यह नहीं समझता कि इस प्रकार की आलोचना संगत है। यदि मैं सदन से यह निवेदन करता कि इस अधिनियम को उसी रूप में कानून बना दिया जाए जिस रूप में इसे प्रस्तुत किया गया है तो मैं आलोचना की बात समझ सकता था। परंतु मैं यह नहीं कर रहा हूं। मैं सदन से केवल अनुमति ही चाहता हूं कि यथास्थिति में इस विधेयक को मत प्राप्त करने के उद्देश्य से परिचालित किया जाए ताकि सरकार को ऐसे सभी पक्षों से मार्गदर्शन प्राप्त हो सके तो मार्गदर्शन दे सकते हैं और सरकार रिक्त स्थानों को भरने के योग्य बन सके तथा उन सभी चीजों के बारे में सुनिश्चित हो सके जो अस्पष्ट हैं। अतः मेरा निवेदन है कि श्री ग्रिफिथ्स ने जो आलोचना की है उसमें कोई दम नहीं है।

श्री ग्रिफिथ्स ने तत्पश्चात कहा कि उनके विचार से यह विधेयक सिद्धांततः ठीक नहीं है। ठीक है, यह मामला विचारों का है। मैंने विपक्ष के कुछ लोगों को यह कहते सुना है कि इस विधेयक में ठोस सिद्धांत निहित हैं और इसे अधिनियम में बदल दिया जाना चाहिए। अतः मैं उनकी इस आलोचना पर कुछ अधिक नहीं कहूंगा।

उन्होंने एक और बात यह कही है कि मैंने यह नहीं बताया कि प्रतिनिधि मजदूर संघ क्या होता है बिना किसी अपराध की भावना से यदि मैं कहूंगा कि उन्होंने विधेयक के खंडों का अध्ययन नहीं किया है अथवा किया भी है तो वह इन खंडों को नहीं समझे हैं। विधेयक के खंडों से यह पूर्णतया स्पष्ट है कि विधेयक में दो मुख्य शर्तें रखी गई हैं। उनमें से एक शर्त यह है कि यदि मजदूर संघ को मान्यता दी जानी है तो उसे कुछ शर्तों को पूरा करना चाहिए। दूसरी शर्त यह रखी गई है कि यदि दी गई शर्तों को पूरा भी किया जाता है तो यह केवल मान्यता देने के लिए अर्हता नहीं है परंतु मजदूर संघ इन अर्हताओं को पूरा करने के अलावा बोर्ड द्वारा प्रमाण पत्र के परीक्षण के लिए भी तैयार हो। वास्तव में मैं कहना चाहूंगा कि विधेयक का मुख्य सिद्धांत - उसका आधार - यह है कि मजदूर संघ की मान्यता अन्य शर्तों पर आधारित होगी जिन्हें श्रमिकों, सरकार और नियोक्ताओं के एक त्रिपक्षीय बोर्ड द्वारा तैयार किया जा सकता है। मेरे मित्र ने खंड 28(घ) के उपखंड (छ) के बारे में कुछ कहा है जबकि इस खंड में