122 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
भूलनबरारी को कोयले की खान के निरीक्षण के दूसरे चरण में इस दल ने भराई के कार्यों को देखा। सतह के निरीक्षण के दौरान डॉक्टर अम्बेडकर ने मजदूरों के साथ उनकी मजदूरी और आय के बारे में मैत्रीपूर्ण बातचीत की।
इसके बाद श्रम सदस्य कोयले की खान के समीप मजदूरों के क्वार्टरों में गए। हम अंदर आ सकते हैं - इन शब्दों के साथ श्रम सदस्य ने एक मजदूर के घर में प्रवेश करने की अनुमति मांगी और यह अनुमति उन्हें तत्काल मिल गई। उन्होंने घर के फर्नीचर तथा अन्य सामान का निरीक्षण किया और रोशनी के प्रबंध का मुआयना किया।
इसके बाद पार्टी को एक सुसज्जित तथा स्वच्छ अस्पताल ले जाया गया। यह अस्पताल इसी खान का था जहां श्रम सदस्य ने कुछ रोगियों से बातचीत की। उन्हें महिलाओं का विशेष वार्ड भी दिखाया गया।
श्रमिकों की बस्ती में
इसके बाद यह दल डिगवाडीट कोयले की खान पर पहुंचा, जहां इसने कोयले के उत्पादन में काम आने वाले नवीन संयंत्र और उपकरण देखे। यहां श्रम सदस्य ने श्रमिकों की बस्ती में लगभग एक घंटा बिताया और स्वामियों द्वारा मजदूरों के लिए बनाए गए विभिन्न प्रकार के घरों को देखा। उन्होंने कोयला खान के श्रमिकों की भर्ती के तरीकों और स्त्रोतों में बहुत रुचि दिखाई।
इस दिन के कार्यक्रमों में तसरा कोयले की खान का निरीक्षण भी सम्मिलित किया गया। यह निरीक्षण कोयले की खान के नियोक्ताओं द्वारा मजदूरों को दी जाने वाली मजदूरी दरों से प्रारंभ हुआ। शाम देर से यह दल खान के ऊपरी निरीक्षण के लिए बाहर आया। मजदूर आराम-आराम से अपने घरों को वापस जा रहे थे। वे अपने हाथों में फावड़े, कुदाल और मिट्टी के तेल के सुरक्षा-लैंप लिए हुए थे। इस प्रकार श्रम सदस्य ने मजदूरों और उनकी महिलाओं को अपने घरों में संध्या समय का भोजन पकाते हुए देखने का अवसर प्राप्त किया। वे इस बात के लिए अधिक उत्सुक थे कि मजदूरों को उपलब्ध भोजन की मात्रा और प्रकार किस तरह का है। तसरा स्थित कोयले की खान में उन्होंने कुछ खदानों को देखा जहां पुरुष और महिलाएं सतह पर काम कर रही थीं।
रानीगंज स्थित कोयला क्षेत्रों का दौरा
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर और उनके साथ के दल ने शुक्रवार को दिन भर रानीगंज स्थित कुछ कोयला क्षेत्रों में कोयला उत्पादन के कामों की परिस्थितियों और तरीकों के बारे में जानकारी प्राप्त की।