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ऽभारत में श्रम कल्याण को प्रोत्साहन
औद्योगिक कामगारों को मंहगाई भत्ता, अनुपस्थिति की समस्या, सर्विस रिकार्ड का रखरखाव और जलपान गृहों की व्यवस्था आदि विषयों पर भी 25 और 26 जनवरी को लखनऊ में आयोजित स्थायी श्रम समिति की चौथी बैठक में विचार किया गया। यह बैठक कौंसिल हाउस में हुई। भारत सरकार के श्रम सदस्य, माननीय डॉ. बी. आर अम्बेडकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की। नियोक्ताओं और अन्य कामगारों के संगठनों में से प्रत्येक संगठन के पांच प्रतिनिधियों और प्रांतीय सरकारों के पांच प्रतिनिधियों तथा भारतीय रियासतों का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया।
डॉ. अम्बेडकर का भाषण
अध्यक्ष ने अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में स्थायी श्रम समिति के पिछले सत्र में लिए गए निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया था कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए करारों में उचित मजदूरी खंड शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार के अन्य विभागों द्वारा किए गए करारों में इसी प्रकार का
खंड शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।
अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि श्रम सम्मेलन के गत पूर्ण सत्र में पारित प्रस्ताव को लागू करने के लिए भारत सरकार ने श्रमिकों की मजदूरी, आय और अन्य परिस्थितियों की जांच के लिए श्रम जांच समिति नियुक्त की थी। उन्होंने बताया कि कृषि मजदूरों के बारे मेंं भी उपयुक्त तरीके से ऐसी जांच कराने के प्रश्न पर प्रांतीय सरकारों के साथ परामर्श किया जा रहा है।
इसके बाद समिति ने भारत में कानूनन मजदूरी नियंत्रण के तरीकों पर, यदि और जब ऐसा नियंत्रण आवश्यक समझा जाए, विचार किया।
ऽ इंडियन इन्फॉर्मेशन, 15 फरवरी, 1944, पृष्ठ 151-52