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भारत में श्रम कल्याण को प्रोत्साहन

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प्रतिनिधियों की सामान्य राय यह प्रतीत हुर्ह कि यदि मजदूरी बोर्डों के गठन पर सहमति हो जाए तो ये बोर्ड प्रांतीय आधार पर गठित होने चाहिए और इन्हें अलग-अलग उद्योगों को देखना चाहिए।

रोजगार-कार्यालय योजना और प्रांतों में इस योजना की प्रगति के बारे में प्रांतीय सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए विवरणों पर संक्षिप्त विचार-विमर्श करने के बाद, समिति ने इस कोष के प्रबंध के कुछ ब्यौरों, इसमें कर्मचारियों और मजदूरों के अंशदानों तथा इसमें से एडवांस लेने के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा परिचालित माडल भविष्य नियमावली पर प्रतिनिधियों के विचारों पर चर्चा की।

मंहगाई भत्ता

समिति ने मंहगाई भत्ते की उस रिपोर्ट पर विचार किया जिसे ग्रैगरी समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया था और जो इस सम्मेलन के गत सत्र में स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसरण में त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन के अध्यक्ष द्वारा गठित की गई थी। मंहगाई भत्ता निश्चित करने के सामान्य सिद्धांतों, इन रिपोर्ट से उठने वाले अन्य प्रश्नों के साथ, सिद्धांतों की प्रकृति, अलग-अलग उद्योगों या क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरों की वांछनीयता और उठते या गिरते हुए मूल्य सूचकांक की तुलना में मंहगाई भत्ते के बारे में विचार-विमर्श किया गया।

यह समझा जाता है कि समिति इस बात पर सहमत हो गई कि सरकार द्वारा यथासंभव अधिक से अधिक सामान्य सिद्धांत बना दिए जाएं ताकि औद्योगिक कारोबारों द्वारा दिए जा रहे या दिए जाने वाले मंहगाई भत्ते पर विचार किया जा सके। इस बात पर सहमत होते हुए कि महंगार्ह भत्ते के सिद्धांतों को सरकार द्वारा निर्धारित किए जाने में, उप-समिति की रिपोर्ट उपयोगी मार्गदर्शिका सिद्ध होगी, समिति ने यह निर्णय लिया कि प्रतिनिधियों द्वारा अभिव्यक्त मतों के प्रकाश में विचार किए जाने हेतु यह रिपोर्ट भारत सरकार को अग्रेषित की जाए।

अनुपस्थिति की समस्या

औद्योगिक उपक्रमों विशेषकर युद्ध के लिए उत्पादन करने वाले उपक्रमों, में अनुपस्थिति की समस्या का नमूना सर्वेक्षण करने के लिए एक मसौदा योजना भी कार्यसूची में शामिल की गई। इस योजना का उद्देश्य समस्या का तथ्यपरक सर्वेक्षण करना था जिसमें अस्वस्थता, दुर्घटना, छुट्टी, सामाजिक अथवा धार्मिक कारण, परिवहन कठिनाइयां और देर से आने के प्रश्न शामिल थे जिनके फलस्वरूप अनुपस्थिति रहती है। यह ज्ञात हुआ है कि इस योजना पर कुछ संशोधनों के बाद सहमति हो गई।