25. कोयला खान सुरक्षा (लदान) संशोधन विधेयक - Page 160

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ऽकोयला खान सुरक्षा (लदान)

संशोधन विधेयक

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (श्रम सदस्य)ः श्रीमन्, मैं प्रस्ताव करता हूंः

‘‘कि कोयला खान सुरक्षा (लदान) अधिनियम, 1939 में आगे संशोधन करने

वाले विधेयक पर विचार किया जाए।’’

श्रीमन, इस विधेयक द्वारा कोयला खान सुरक्षा (लदान) अधिनियम, 1939 में कुछ संशोधनों की अपेक्षा की गई है। जैसाकि माननीय सदस्यों को स्मरण होगा, यह अधिनियम, 1939 में पारित किया गया था। इसके द्वारा एक निकाय - लदान बोर्ड - का गठन किया गया था। बोर्ड का कार्य मुख्य रूप से कोयला और कोक पर लेवी से प्राप्त धनराशि का प्रबंध करना और इस धन को कोयला खानों की लदान-क्रिया पर खर्च करना था ताकि खानों में अग्नि-कांडों को रोका जा सके। इस अधिनियम के पालन में पाया गया कि इसमें कुछ खामियां रह गई हैं जिन्हें दूर किए जाने की आवश्यकता है। इस विधेयक का आशय केवल तीन प्रश्नों को हल करना है, क्योंकि यह पाया गया कि इन पर तत्काल ध्यान दिया जाना जरूरी है। इन तीन प्रश्नों में से पहला प्रश्न धारा 8 में संशोधन करने संबंधी है। सदन को याद होगा कि धारा 8 का संबंध बोर्ड के कार्यों से है और यह उन उद्देश्यों का निर्धारण करता है जिनके अनुसार कोष में संचित धनराशि का व्यय किया जाए। धारा 8 में यह व्यवस्था है कि बोर्ड प्रशासन पर धन खर्च कर सके। दूसरे, यह बोर्ड को अधिकार देती है कि वह लदान सामग्री तथा अन्य सहायता की स्वीकृति कोयला खानों के मालिकों, अभिकर्ताओं और व्यवस्थापकों को लदान संचालन के लिए दे सके। धारा 3 में बोर्ड को अधिनियम के अन्य प्रावधानों के संचालन का अधिकार दिया गया है ताकि अधिनियम के उद्देश्यों का और विस्तार हो सके। चौथे, इसके द्वारा बोर्ड को लदान संबंधी गवेषणा कार्यों पर धन

खर्च करने की अनुमति देता है। यह पाया गया कि धारा 8 में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय) खंड 1, 23 फरवरी, 1944, पृष्ठ 443-46