138 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कोई ऐसा मामला नहीं आया जब बोर्ड ने कोई फैसला किया हो और उसका कोयला
खान एसोशिएशन के किसी सदस्य ने विरोध किया हो।
मेरे माननीय मित्र श्री हूजिनभाई लाल जी ने एक प्रश्न उठाया था मैं जिस पर मैं समझता हूं विचार किए जाने की आवश्यकता है। वह है उस खान पर सरकार के अधिकार के बारे में जहां सरकार ने लदान पर धन खर्च किया हो। मैं समझता हूं यह एक बहुत अच्छा सुझाव है और एक बड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है और समय आने पर मैं यह कहने की स्थिति में होऊंगा कि इस मुद्दे पर सरकार का क्या विचार है?
श्रीमन में इतना ही कहना चाहता था।