श्रमिकों के प्रति सरकार की नीति
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एक माननीय सदस्यः संवीक्षा समिति के लिए काफी हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः अब विशेष अधिकारियों की नियुक्ति का प्रश्न है। यह ऐसी बात नहीं है जिसके विषय में विभाग को पता न हो। सच्चाई यह है कि बीमारी बीमे के लिए हमने विशेष अधिकारी की नियुक्ति की शुरूआत कर दी है। वे प्रोफेसर अडारकर हैं। ऐसी अन्य समस्याओं से निपटने क लिए हम ऐसे ही और अधिकारियों की नियुक्ति करना चाहते हैं - रिपोर्टें तैयार करने के लिए और इस प्रस्ताव को कानूनी जामा पहनाने के लिए।
परंतु हुआ यह कि पिछले अगस्त में आयोजित त्रिपक्षीय सम्मेलन में हमने यह रिपोर्ट उसके विचारार्थ रखी। समिति और त्रिपक्षीय सम्मेलन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि भारत सरकार समाज कल्याण के उपायों के बारे में भी विचार करने और तरीके सुझाने के लिए समिति बनाए जिससे भारत के श्रमिक वर्ग में सामाजिक सुरक्षा सिद्धांत को लागू किया जा सके।
मुझे यह बताने में प्रसन्नता है कि इसे क्रियात्मक रूप देने के लिए हमने एक समिति बनाई जो इस विषय में कार्य कर रही है। यह एक बहुत गलत बात होती कि विभाग विभिन्न मुद्दों पर रिपोर्ट देने के लिए एक के बाद एक अधिकारी नियुक्त करता चला जाता। हमें समिति की रिपोर्ट आने तक प्रतीक्षा करनी है। मैं अपने माननीय मित्रों को आश्वासन दे सकता हूं कि विशेष समस्याओं की जांच के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्तियों का कार्यक्रम हमने त्यागा नहीं है। परंतु जब समिति की रिपोर्ट सरकार को मिल जाएगी तभी इसे क्रियान्वित किया जाएगा। मान्यवर, मैं सोचता हूं कि जो बातें मैंने इस मुद्दे पर कहीं हैं उन्हें ध्यान में रखते हुए श्री जोशी स्वीकार करेंगे कि श्रमिकों की समस्याओं से निपटने के लिए अब तक जो तंत्र हमारे पास है इसे अपर्याप्त नहीं कहा जा सकता।
त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन
श्री जमनादास मेहता ने त्रिपक्षीय सम्मेलन पर कुछ टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन का दर्जा बढ़ाकर इसे अंतर्राष्ट्रीय श्रम कार्यालय का दर्जा दिया जाए। श्री जोशी ने कहा कि इसका अलग सचिवालय हो। श्री मेहता का सुझाव है कि श्रम विभाग का प्रभारी सदस्य जो आम तौर से सम्मेलन की अध्यक्षता करता है वह स्वयं को इस उत्तरदायित्व से मुक्त करे। श्री मेहता ने यह भी कहा कि समिति की रिपोर्ट विधानमंडल के सामने रखी जाए ताकि वह उसकी पुष्टि कर सके।
मान्यवर, मेरे माननीय मित्रों श्री जोशी और श्री मेहता ने जो भी कहा है मेरी उससे बहुत सहानुभूति है। मैं यह कहना चाहता हूं कि दोनों ही सदस्य अवगत हैं कि