26. श्रमिकों के प्रति सकरार की नीति - Page 169

144 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

समिति की प्रक्रिया के बारे में फैसला सम्मेलन में ही किया जाता है। जब सम्मेलन का उद्घाटन हुआ था तो अलग सचिवालय के प्रश्न पर विचार किया गया था और सम्मेलन में इस बात पर सर्वसम्मति थी कि अलग सचिवालय हो। परंतु बाद के एक सम्मेलन में फैसला बदल दिया गया और हमें भिन्न प्रकार के निर्देश दिए गए। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि इस मामले पर फिर विचार किया जाएगा।

श्रीमन, यदि मेरी यह सोच सही है कि श्री मेहता और श्री जोशी दोनों ही त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन को मामूली घटना मानते हैं और समझते हैं कि उसका कोई महत्व नहीं है तो मैं यही कहना चाहूंगा कि मैं इससे असहमत हूं क्योंकि मेरे विचार में श्रम सम्मेलन इतना महत्वपूर्ण कार्य करता है कि इस संबंध में जितना भी कहा जाए उतना ही कम है।

मैं यह निवेदन करना चाहता हूं, और सदन के सदस्यों से भी कहूंगा कि वे इसे ध्यान में रखें, कि यदि कोई त्रिपक्षीय सम्मेलन या स्थायी श्रम समिति की कार्यसूची और विषय को देखेगा तो मैं समझता हूं कि वह मान जाएगा कि उनके विचारार्थ और बहस के लिए जो मुद्दे रखे जाते हैं वे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। मैं याददाश्त के आधार पर कह सकता हूं कि वे मुद्दे ऐसे हैं जिनका संपूर्ण श्रम क्षेत्र में बड़ा महत्व है।

मेरा कहना यह है कि त्रिपक्षीय सम्मेलन से बाहर के श्रमिक प्रतिनिधियों के लिए यह संभव हो सकता था कि इन मुद्दों पर विचार करने और बातचीत के लिए नियोक्ताओं से मिल सकते?

मैं यह दावा तो कर सकता हूं कि त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन को यह श्रेय जाता है कि यदि हमने कुछ अधिक नहीं किया है तो कम से कम एक चीज तो की ही है कि कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि को, मालिकों को मजदूर करके नहीं तो बहलाकर ही सही, गंभीर महत्व के मामलों पर मालिकों के साथ बातचीत में शामिल तो करा ही लिया।

मैं समझता हूं कि यह एक बहुत बड़ी सेवा है जो इस देश के मजदूर वर्ग के लिए त्रिपक्षीय सम्मेलन कर रहा है।

कोयला खानों में महिलाएं

माननीया श्रीमती सुब्बारायन ने अपने भाषण के दौरान कोयला खानों में महिलाओं को भर्ती करने के प्रश्न पर बहुत कुछ कहा। मैं उनकी भावनाओं पर संदेह नहीं करता जो उन्होंने इस प्रश्न पर व्यक्त की हैं। परंतु, श्रीमन्, मैं फिर उन बातों को दोहराना नहीं चाहता जिन पर स्थगन प्रस्ताव पर बहस में विचार हो चुका है। मैं यह बात फिर कहता हूं कि मुझे प्रसन्नता है कि हमने यह फैसला कर लिया और मैं सदन