28. नई दिल्ली में मस्जिदों का संरक्षण - Page 175

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नई दिल्ली में मस्जिदों का संरक्षण

माननीय अध्यक्ष (सर अब्दुर रहीम)ः संशोधन प्रस्तुत हुआः-

‘‘कि मूल संकल्प के स्थान पर निम्नलिखित प्रतिस्थापित किया जाएः-

‘‘कि यह विधान सभा गर्वनर जनरल से सिफारिश करती है कि वे कृपया नई दिल्ली क्षेत्र में स्थित मस्जिदों का संरक्षण करने और उनकी समुचित मरम्मत के उद्देश्य से निम्नांकित कदम उठाएंः-

(क) जिन बंगलों के परिसरों में मस्जिदें स्थिति हैं, वे बंगले इस शर्त पर अलाट करने के लिए संबद्ध विभाग को निर्देश दिए जाएं कि उनकी मरम्मत आदि में बाधा नहीं डाली जाएगी और इन मस्जिदों के मुसलमानों को नमाज करने की छूट रहेगी, और

(ख) संबद्ध विभाग और नई दिल्ली नगरपालिका को आगे यह निर्देश भी दिए जाएं कि उन मुसलमानों को सभी सुविधाएं, सहायता और आवश्यक कानूनी इजाजत दी जाए जो नई दिल्ली में मौजूदा मस्जिदों की मरम्मत, बहाली और पुनर्निर्माण के लिए आगे आते हैं।’’

ऽमाननीय डॉ. बी. आर अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः श्रीमन्, इस प्रस्ताव के दो अंग हैंः भाग (क) और भाग (ख)। परंतु मेरा संबंध केवल भाग (क) से है। भाग (ख) पर माननीय सचिव शिक्षा, स्वास्थ्य और भूमि विकास विभाग कार्यवाही करेंगे। भाग (क) में, जिसका मुझ से संबंध है, दो सिफारिशें दी गई हैं। पहली यह कि सरकार यह आश्वासन दे कि जिन बंगलों के परिसर में मस्जिदें हैं वे भारत सरकार के मुस्लिम कर्मचारियों को अलाट किए जाएं। दूसरी सिफारिश है कि रहने वालों को निर्देश दिए जाएं कि वे किसी को मस्जिद की बहाली में या नमाज पढ़ने पर कोई बाधा न डालें।

मैं कहना चाहूंगा कि मुझे खेद है कि मैं कोई भी सिफारिश स्वीकार नहीं कर

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय) 30 मार्च, 1944, पृष्ठ 1798