29. कारखाना (संशोधन) विधेयक - Page 178

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ऽकारखाना (संशोधन) विधेयक

माननीय डॉ. बी. आर अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः श्रीमन्, मैं प्रस्ताव करता हूंः-

‘‘कि कारखाना अधिनियम, 1934 में और संशोधन करने वाले विधेयक पर

विचार किया जाए।’’

यह विधेयक एक सामान्य विधायी कार्य है और यह विवादहीन भी है। इस विधेयक के द्वारा चार संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं। जिन धाराओं में संशोधन किया जाना है वे हैं 9, 19, 23, 45 और 54 ।

धारा 9 ऐसी धारा है जिसमें प्रावधान किया गया है कि जब कोई व्यक्ति कारखाना लगाए तो इससे पहले उसे विशिष्ट विवरण देते हुए कारखाना निरीक्षक को सूचित करना चाहिए। किन्तु ऐसा अनुभव किया गया है कि इस धारा के अंतर्गत कारखाना निरीक्षक को यह अधिकार नहीं है कि जिस सूचना को वह आवश्यक समझता है वह कारखाने के मालिक से प्राप्त कर सके और न ही कारखाने का मालिक ऐसा विवरण देने के लिए बाध्य है। हाल ही में यह पाया गया कि जो कारखाना मालिक कारखाना शुरू करना चाहता है वह उस विवरण को देने से इंकार कर देता है जिसकी कारखाना निरीक्षक को आवश्यकता है। इससे निपटने के लिए धारा 9 में संशोधन किया गया है और इस संशोधन से सरकार को यह अधिकार प्राप्त होता है कि निरीक्षक को जो विवरण वांछित है वह उसे मांग सके।

धारा 19 का संबंध कारखाने में पानी और नहाने-धोने का स्थान मुहैया कराने से है। मौजूदा धारा के अनुसार, नहाने-धोने के स्थान का प्रावधान उन कारखानों तक सीमित है जहां श्रमिकों को हानिकारक और घिनौनी सामग्री के संपर्क में आना पड़ता है। इस धारा के अंतर्गत सभी प्रकार के कारखाना मालिकों को नहाने-धोने के लिए

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय), खंड 3, 4 अप्रैल, 1944, पृष्ठ 1929