154 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अनिवार्य सुविधा नहीं जुटानी होती। यह सुझाव दिया गया कि यह सीमा हटा दी जाए क्योंकि सफाई के स्थान की सभी मजदूरों को आवश्यकता होती है, केवल उन्हीं के लिए नहीं जो हानिकारक सामग्री के संपर्क में आते हैं। इसलिए इस संशोधन के द्वारा सभी कारखानों के लिए नहाने-धोने का प्रबंध करना अनिवार्य बनाया जा रहा है।
धारा 23 की विषयवस्तु किसी स्थापित कारखाने में अग्निरोधक व्यवस्था करना है। इस संबंध में पाया गया है कि यह धारा दोषपूर्ण है। इस धारा के अधीन यह बात कारखाना चलाने वाले पर छोड़ दी गई है। इसके अनुसार, सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह यह निर्धारित कर सके कि किस कारखाने में कितने अवरोधकों की आवश्यकता है। परिणामस्वरूप धारा 23 में यह संशोधन किए जाने का प्रस्ताव है कि सरकार को यह अधिकार होगा कि वह निर्धारित कर सके कि किसी कारखाने में कितने अग्निरोधकों की आवश्यकता है। किसी कारखाने की परिस्थितियों को देखते हुए कारखाना निरीक्षक इसकी आवश्यकता निश्चित करेगा।
मान्यवर, अब मैं धारा 45 और 54 पर आता हूं। इन धाराओं का संबंध दो बातों से है। ये हैं कारखाने में बाल और महिला श्रमिकों से कितने घंटे तक काम कराया जा सकता है या वे कितनी देरी तक काम कर सकते हैं। बच्चों और महिलाओं के लिए निर्धारित कार्य के घंटों की मौजूदा व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं किया जा रहा है। इसमें यह नहीं कहा गया है उनकी वर्तमान 13 घंटे काम की अवधि में परिवर्तन किया जाए। इसमें केवल इतना कहा गया है कि उन्हें सांय 8.30 के बजाय 7.30 तक ही काम पर लगाया जा सकता है। इस परिवर्तन के दो कारण हैं। पहला यह कि मानक समय में परितर्वन हो गया है। दूसरे, इससे बिजली की बचत हो सकेगी।
श्रीमन, मैं नहीं समझता कि विधेयक की इन व्यवस्थाओं पर किसी स्पष्टीकरण की जरूरत है। मैं प्रस्ताव प्रस्तुत करता हूं।
माननीय अध्यक्ष (सर अब्दुर रहीम)ः प्रस्ताव प्रस्तुत हुआः-
‘‘कि कारखाना अधिनियम, 1934 में और संशोधन करने वाले विधेयक पर
विचार किया जाए।’’
मौलवी मुहम्मद अब्दुल गनी ने संशोधन की सूचना दी है, किन्तु वे सदन में उपस्थित नहीं हैं और इसलिए सदन विधेयक पर विचार शुरू करेगा।
श्री मुहम्मद नौमेन (पटना और छोटा नागपुर व उड़ीसा, मुस्लिम)ः श्रीमन्, माननीय सदस्य ने विधेयक के जिन सिद्धांतों का स्पष्टीकरण किया है उनके बारे में विधेयक से सहमत हूं। मेरी इतनी ही आपत्ति है कि माननीय सदस्य ने चेम्बर्स